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शपथ लेते ही विवादों में घिरे HRD मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक, डिग्री को लेकर उठे सवाल

मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय डिग्री विवाद को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक पर भी डिग्री को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रमेश पोखरियाल निशंक अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखते हैं, जो पूरी तरह से गलत है।

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शपथ लेते ही विवादों में घिरे HRD मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक, डिग्री को लेकर उठे सवाल

नई दिल्ली।मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय डिग्री विवाद को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक पर भी डिग्री को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि निशंक अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। बताया जा रहा है कि श्रीलंका स्थित जिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से उन्होंने दो-दो मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर अपने नाम के डॉक्टर लिखना शुरू किया, वास्तव में वह यूनिवर्सिटी श्रीलंका में पंजीकृत ही नहीं है।

90 के दशक में डी लिट की उपाधि

जानकारी के अनुसार रमेश पोखरियाल निशंक को 90 के दशक में कोलंबो की ओपेन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने शिक्षा में विशेष योगदान के लिए डी लिट की उपाधि से सम्मानित किया था। जबकि कुछ समय बाद ही उनको उसी युनिवर्सिटी से एक ओर डी लिट डिग्री की उपाधि मिली। इस बार युनिवर्सिटी ने उनको विज्ञान में योगदान के लिए यह डिग्री दी थी। हाल ही चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह युनिवर्सिटी श्रीलंका में पंजीकृत ही नहीं है। यही नहीं श्रीलंका के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी ने इस बात की पुष्टि भी की है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस संबंध में जब देहरादून से दाखिल एक आरटीआई निशंक के बायोडाटा से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी गई तो उनके सीवी और पासपोर्ट में अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज मिली।

उत्तराखंड के पौड़ी के रहने वाले निशंक

रमेश पोखरियाल निशंक उत्तराखंड के पौड़ी के रहने वाले हैं। उनका जन्म 5 जुलाई 1958 को पौड़ी के पिनानी गांव में हुआ था। निशंक ने हेमवती बहुगुना गढ़वाल युनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया, जिसके बाद उन्होंने पीएचडी (ऑनर्स) और डी. लिट (ऑनर्स) की भी डिग्री भी हासिल की।

पुराना है डिग्री विवाद

दरअसल, मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़ा यह डिग्री विवाद पुराना है। इससे पहले पिछली सरकार में एचआरडी मंत्री रही स्मृति ईरानी की डिग्री को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। विपक्ष ने उनके 2004 और 2014 के चुनाव में नामांकन के दौरान शैक्षणिक योग्यता में स्मृति ईरानी पर अलग—अलग जानकारी देने का आरोप लगाया था। विपक्ष का आरोप है कि 2004 लोकसभा चुनाव में स्मृति ने अपने शपथ पत्र में दिल्ली यूनिवर्सिटी से आर्ट ग्रेजुएशन दिखाया था,जबकि 2014 में उन्होंनें 1994 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही कॉमर्स पार्ट-1 में ग्रेजुएट होने की बात का जिक्र किया था।












































रमेश पोखरियाल निशंक का सियासी सफर
साल पद
1991 कणर्प्रयाग से 3 बार विधायक
1997 यूपी कल्याण सरकार में कैबिनेट मंत्री
1999 रामप्रकाश गुप्त सरकार में कल्चरल मिनिस्टर
2000
उत्तराखंड सरकार में 12 विभागों के मंत्री
2007 उत्तराखंड सरकार में हेल्थ मिनिस्टर
2009 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
2012 देहरादून से विधायक
2014 हरिद्वार सीट से सांसद
Updated on:
01 Jun 2019 12:55 pm
Published on:
01 Jun 2019 10:58 am
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