राजनीति

कैलाश मानसरोवर यात्रा: राहुल पर स्वामी का तंज कहा- अगर @#%$ छल करेगा तो भगवान शिव जान जाएंगे

शुक्रवार को राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे
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राहुल स्वामी

नई दिल्ली। शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले हैं। जिसकी तैयारी हो गई है। खबरों के मुताबिक केरल दौरे के बाद राहुल गांधी का अगला कार्यक्रम कैलाश मानसरोवर की यात्रा है। वह 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे।

चुनाव प्रचार के दौरान किया था ऐलान

अप्रैल 2018 में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की घोषणा की थी। जन आक्रोश रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि पिछले दिनों उनका जहाज हादसे से बच गया। इसलिए कर्नाटक चुनाव के बाद वो छुट्टी ले रहें हैं. छुट्टी लेकर वो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे।


स्वामी ने किया ट्वीट

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने राहुल गांधी के कैलाश मानसरोवर जाने के बारे में तंज कसते हुए निशाना साधा है। स्वामी ने ट्वीट कर लिखा, "@#%$ के कैलाश मानसरोवर जाने का मतलब है कि वह एक हिंदू होना चाहिए, भारत सरकार 1981 में एक शर्त लागू होने पर सहमत हुआ, डेंग ज़ियाओपिंग के साथ हुई मेरी बैठक के बाद मार्ग खोला गया। अगर @#%$ छल करता है तो भगवान शिव को पता चल जाएगा।

राहुल खुद को बता चुके हैं शिवभक्त

गौरतलब है कि हाल ही में विधानसभा चुनावों के दौरान राहुल गांधी ने कई मंदिरों के दर्शन किए थे। राहुल गांधी ने दक्षिण के कई मंदिरों में पूजा अर्चना की थी। सोमनाथ मंदिर में राहुल के दर्शन के लिए जाने के दौरान उनका नाम एक रजिस्टर में अहिन्दू के रूप में कथित तौर पर दर्ज होने को लेकर विवाद भी हो गया था। जिसपर भाजपा ने राहुल गांधी पर निशाना साधा था। इस पर राहुल गांधी ने खुद को शिवभक्त बताया था।राहुल गांधी को जनेऊ-धारी शिव भक्त हिंदू बताया था।" हाल ही में संसद में राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कहा था कि BJP और PM ने सिखाया शिवभक्त और हिंदू होने का मतलब। कैलाश मानसरोवर की यात्रा को राहुल गांधी और कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर झुकाव के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि हिंदू धर्म मे कैलाश मानसरोवर की यात्रा का काफी महत्व है। कैलाश पर्वत शिव भगवान के रहने की जगह मानी जाती है। वहीं मानसरोवर के बारे मे कहा जाता है कि पहले ये ब्रह्मा के मष्तिष्क में बनी थी, बाद मे इसे धरती पर बनाया गया है।यात्रा काफी कठिन होती है। जिसको सनातन धर्म के अनुनायी जीवन में एकबार करने की इच्छा रखते हैं। मानसरोवर का बॉन बौद्ध और जैन धर्म में भी महत्वपूर्ण स्थान है।

Updated on:
30 Aug 2018 02:23 pm
Published on:
30 Aug 2018 01:53 pm