कोलकाता में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ दिया गया है टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने विद्यासागर का फोटो टि्वटर प्रोफाइल पर लगाया विद्यासागर को गरीबों और दलितों का संरक्षक माना जाता है
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच सियासी जंग चरम पर है। इस बीच कोलाकाता में मंगलवार को अमित शाह के रोड शो के दौरान भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प हिंसा में बदल गई। हिंसक झड़प के दौरान उपद्रवियों ने विद्यासागर कॉलेज में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ दिया। इस घटना के बाद बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने प्रतिमा तोड़ने का आरोप भाजपा के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को 'गुंडा' करार दिया है।
इस घटना के विरोध में गांधीगिरी करते हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं और पार्टी के नेताओं ने अपने टि्वटर प्रोफाइल पर विद्यासागर की तस्वीर लगाई है।
ममता ने विद्यासागर की तस्वीर को बनाया ट्विटर प्रोफाइल
अमित शाह के रोड शो के दौरान भड़की हिंसा के दौरान कॉलेज परिसर में स्थित महान दार्शनिक, समाज सुधारक और लेखक ईश्वरचंद विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी गई। इस बात की अभी पुष्टि नहीं हुई है कि प्रतिमा किसने तोड़ी। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रतिमा तोड़ने का आरोप लगाया है। हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने अपने ट्विटर एकाउंट पर ईश्वरचंद विद्यासागर की तस्वीर को प्रोफाइल फोटो बना लिया है।
गरीबों और दलितों के संरक्षक
बता दें कि ईश्वरचंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर, 1820 को कोलकाता में हुआ था। वह एक प्रसिद्ध समाज सुधारक, शिक्षा शास्त्री और स्वाधीनता संग्राम के सेनानी थे। उन्होंने स्त्री शिक्षा और विधवा विवाह के समर्थन में आवाज उठाई थी। उन्हें गरीबों और दलितों का संरक्षक माना जाता था। शिक्षा में सुधार के लिए उन्होंने मेट्रोपोलिटन विद्यालय सहित अनेक महिला विद्यालयों की स्थापना की।