
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव के चौथे चरण का मतदान मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। मतदान की प्रक्रिया सुबह आठ बजे से शुरु हुआ और एक भी हिंसक घटना नहीं घटी। बता दें कि बारामुला जिले में 63.2 फीसदी मतदान के साथ कश्मीर घाटी में कुल 32.2 फीसदी मतदान हुआ। पुलवामा जिले में सबसे कम (0.6 फीसदी) मतदान दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा जम्मू क्षेत्र में 82.5 फीसदी मतदान हुआ। चौथे फेज में कुल मिलाकर 71.3 फीसदी मतदान हुआ।
2,618 मतदान केंद्रों पर हुई वोटिंग
आपको बता दें कि राज्य के 2,618 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ, जिनमें से 639 कश्मीर में, जबकि 1,979 जम्मू में हैं। सरपंच के 339 पदों के लिए 5,470 और पंचों के लिए 1,749 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की थी। इस चरण में 99 सरपंच और 969 पंच निर्विरोध चुने गए। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि इस चरण में 777 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील निर्धारित किया गया है, जिनमें से 571 कश्मीर और 206 जम्मू में हैं। इस दौरान 5,470 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं जिनमें से 339 सरपंच और 1,749 पंच सीटों के लिए हैं। वहीं, इस चरण में 99 सरपंचों और 969 पंचों को निर्विरोध चुन लिया गया।
कुल नौ चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव के पहले चरण के चुनाव 17 नवंबर को हुए थे, जब 74.1 फीसदी मतदान हुए थे, तो वहीं 20 नवंबर को हुए दूसरे चरण के मतदान में 71.1 फीसदी और 24 नवंबर को हुए तीसरे चरण के मतदान में 75.2 फीसदी मतदान हुए थे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कुल नौ चरणों में मतदान होने वाले हैं। आखिरी चरण का मतदान 17 दिसंबर को होंगे। मालूम हो कि इससे पहले जम्मी-कश्मीर में 2011 में पंचायत चुनाव हुए थे। अलगाववादियों की धमकी और आतंकी गतिविधियों के कारण पंचायत चुनाव नहीं हो पा रहे थे। इस बार भी पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले आतंकियों ने कई पंचायत घरों को आग के हवाले कर दिया और कई लोगों की हत्या कर दी, जिससे लोग डरकर मतदान में भाग न लें। हालांकि लोगों ने इससे बाहर आकर लोकतंत्र में अपने अधिकार इस्तेमाल किया।