राजनीति

येदियुरप्पा की आज अग्निपरीक्षा, बहुमत परीक्षण से पहले बीजेपी की बैठक

बीएस येदियुरप्पा को शाम चार बजे कर्नाटक विधानसभा में बहुमत परीक्षण करना होगा।

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आज की 5 बड़ी खबर, जिनपर रहेंगी पूरे देश की नजर

नई दिल्ली : क्या आज खत्म होगा कर्नाटक का 'नाटक’?। ये बड़ा सवाल इसलिए है क्योंकि आज कर्नाटक के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री बीएस येदियुप्पा के लिए बड़ा दिन हैं। आज उन्हें सदन में बहुमत हासिल करना है। विधानसभा सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी की बैठक हो रही है। शंगरी-ला होटल में बीजेपी की बैठक चल रही है। इस बैठक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और कर्नाटक के चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर समेत बीजेपी के विधायक भी शामिल हैं।वहीं इससे पहले कांग्रेस और जेडीएस विधायक भी हैदराबाद से बेंगलुरु पहुंच गए हैं। सभी बस से बेंगलुरु के होटल हिल्टन पहुंचे हैं। JDS नेता कुमारस्वामी अपनी पार्टी के विधायकों के साथ हैदराबाद से प्लेन में बेंगलुरु आए हैं।खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने विधायक बेंगलुरु के इगलटन रिजॉर्ट में भेजे थे। जेडीएस विधायक होटल शांगरी ला में रोके गए। इस बीच, कुछ विधायकों के लापता होने की खबरें आईं।

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शाम 4 बजे होगा बहुमत परीक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए शनिवार शाम 4 बजे तक का वक्त दिया है। इस तरह देश की सबसे बड़ी अदालत ने राज्यपाल वजूभाई वाला के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था। येदियुरप्पा ने दावा किया कि 100 फीसदी जीत हमारी होगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि जादुई आंकड़े से 7 कदम दूर बीएस येदियुरप्पा विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में कैसे बहुमत को हासिल करते हैं।

क्या 'टेस्ट' में पास होंगे येदियुरप्पा?

कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए वर्तमान स्थिति के मुताबिक 111 वही जादुई आंकड़ा है जिसको छूने की कवायद भाजपा कर रही है। भाजपा के पास 104 विधायक हैं जबकि बहुमत के लिए 111 विधायकों के समर्थन की जरुरत हैं। आपको बता दें कि कर्नाटक में 224 सदस्यों वाली विधानसभा है। वर्तमान में 222 सीटो के लिए मतदान हुए जिसमें सबसे बड़े दल के रुप में भाजपा ऊभर कर सामने आई है, जबकि कांग्रेस दूसरे और जेडीएस तीसरे नंबर पर रही है। फिलहाल बीजेपी के पास 104 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस के पास 38 विधायक हैं। दो विधायक निर्दलीय जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं।

कैसे हासिल होगा जादुई आंकड़ा?

आपको बता दें कि फिलहाल जो स्थिति है उसमें 222 सीटों पर चुनाव हुए हैं और बहुमत के लिए 112 विधायकों के समर्थन की जरुरत होगी मगर जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने दो सीटों से चुनाव जीतें हैं तो फ्लोर टेस्ट से पहले उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना होगा। इससे कुल सीटों की संख्या अब 221 रह जाएगी। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर के वोट को घटा दिया जाएगा। इस स्थिति में विधानसभा के कुल 220 सीट रह जाएंगे और भाजपा को बहुमत हासिल करने के लिए 111 विधायकों के समर्थन की जरुरत होगी। फिलहाल भाजपा के पास 104 विधायक हैं और बहुमत हासिल करने के लिए 7 अतिरिक्त विधायकों की जरुरत है। भाजपा के पास दो विकल्प हैं। जिसके सहारे वह बहुमत हासिल कर सकती है।पहला की वह कांग्रेस और जेडीएस के 7 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें और दूसरा फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के 14 विधायक गैरमौजूद रहें। इसके अवाले बसपा और केपीजेपी के एक-एक विधायक हैं और एक निर्दलीय हैं। भाजपा शुरु से दावा कर रही है कि ये सभी उनके पक्ष में हैं, यदि ऐसा है तो उन्हें सिर्फ पांच विधायकों के क्रॉस वोटिंग कि जरुरत होगी, जिससे येदियुरप्पा अपनी सरकार बचा सकते हैं।

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Updated on:
19 May 2018 08:03 am
Published on:
19 May 2018 09:47 am
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