कर्नाटक में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले जी परमेश्वर के नाम कई उपलब्धियां हैं। वे सियासत के साथ-साथ पढ़ाई और फिटनेस में भी चैंपियन हैं।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जी परमेश्वर ने बुधवार को कर्नाटक में डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली है। कर्नाटक की सियासत में जी परमेश्वर की बेहद अहम भूमिका रही है। राज्य के बड़े दलित नेताओं में शुमार रहे परमेश्वर करीब तीन दशकों से संगठन और सरकार में उच्च पदों पर बने रहे हैं। राज्य की सियासत में मतदाताओं और कार्यकर्ताओं में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है, साथ ही पार्टी हाईकमान से भी उनके संबंध काफी अच्छे रहे हैं। सियासत के साथ-साथ परमेश्वर पढ़ाई और फिटनेस में भी अव्वल रहे हैं।
शानदार सियासी करियर, कई बड़े पदों पर बनाई जगह
- 1989 में परमेश्वर ने मधुगिरी सीट पर जनता दल के सी राजावर्धन को हराकर विधानसभा में डेब्यू किया था।
- 1993 में पहली बार वे राज्य सरकार में मंत्री बने थे। वे वीरप्पा मोइली की कैबिनेट का हिस्सा थे।
- 1999 के राज्य विधानसभा चुनाव में उन्होंने सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीतने का रिकॉर्ड बनाया था।
- 1999 से 2004 तक एसएम कृष्णा सरकार में वे स्वतंत्र प्रभार के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री रहे थे।
- 2002 में एसएम कृष्णा ने उन्हें प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बनाया था।
- 2003 में उन्हें सूचना एवं प्रचार मंत्री भी बनाया गया।
- अक्टूबर 2010 में उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।
- 2014 में वे विधानपरिषद के सदस्य बने और 2015 कर्नाटक के गृहमंत्री भी बने।
- 2017 में गृहमंत्री पद से इस्तीफा देकर वे फिर से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बन गए।
पढ़ाई और फिटनेस में भी चैंपियन है परमेश्वर
- उन्होंने बेंगलूरु के कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय से बीएससी और एमएससी किया। इसके बाद एडिलेड यूनिवर्सिटी से प्लांट फिजियोलॉजी में पीएचडी की उपाधि हासिल की।
- सियासत के साथ-साथ वे फिटनेस के मामले में भी काफी आगे रहे हैं। परमेश्वर के नाम पर 10.9 सेकंड में 100 मीटर दौड़ पूरी करने का रिकॉर्ड है। वे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।