पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती कश्मीर में अलगाववादियों पर केंद्र सरकार की सख्ती को लेकर भड़क गईं हैं। महबूबा ने शनिवार को जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाया है। कहा कि पिछले 24 घंटे में हुर्रियत नेताओं और जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले पर विवादित बयान देकर चर्चा में आई पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती एक बार सुर्खियों में हैं। इस बार महबूबा कश्मीर में अलगाववादियों पर केंद्र सरकार की सख्ती को लेकर भड़क गईं हैं। महबूबा ने शनिवार को जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाया है। पीडीपी प्रमुख ने ट्वीट करते हुए कहा कि पिछले 24 घंटे में हुर्रियत नेताओं और जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने लिखा कि केंद्र की ओर से चलाई जा रही यह मनमर्जी जम्मू-कश्मीर में मुद्दों को और अधिक उलझा देगी।
जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत
आपको बता दें कि पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने जहां अलगाववादियों पर लगाम कसते हुए 22 नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है, वहीं घाटी से जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत में लिया है। हालांकि सरकार का यह कदम दो दिन बाद यानी सोमवार को कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 35ए पर होनी वाली सुनवाई को लेकर उठाया बताया जा रहा है।
शख्स को कैद कर सकते हो, उसके विचारों को नहीं
इस बीच महबूबा ने सवाल उठाते हुए पूछा कि किस बिनाह पर नेताओं की गिरफ्तारी हुई? पीडीपी सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र की ओर इशारा करते हुए कि आप किसी शख्स को कैद कर सकते हो, उसके विचारों को नहीं।' आपको बता दें कि इससे पहले पुलवामा हमले के बाद भी पीडीपी प्रमुख ने विवादित बयान दे दिया था। महबूबा जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन वाली सरकार चला चुकी है।