
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के विकास के लिए उप राज्यपाल को पत्र लिखा है। LG के नाम खुले पत्र में उन्होंने कहा कि अब हर मामलों पर एलजी की सहमति जरूरी नहीं है। केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा, 'मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो मुद्दों पर किए गए फैसलों पर आपका ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं कि अब किसी भी मसले पर एलजी की सहमति की जरूरत नहीं होगी और सेवाओं से जुड़ी ताकत मंत्रीपरिषद के समूह के पास रहेगी। दिल्ली का विकास सबके सहयोग के साथ किया जाएगा। कैबिनेट के फैसले की जानकारी उप राज्यपाल को दी जाएगी। दिल्ली के विकास के लिए एलजी की जरूरत है। गौरतलब है कि दिल्ली के अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद केजरीवाल ने उपराज्यपाल बैजल को पत्र लिखकर मिलने का वक्त मांगा है। केजरीवाल के मुताबिक, अभी तक सारी फाइलों को उपराज्यपाल के पास सहमति के लिए भेजा जाता था लेकिन अब ऐसा करने की जरूरत नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आम आदमी पार्टी खुश
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के अधिकारों पर अपना फैसला सुनाया। जिसमें पांच जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से निर्णय दिया कि उपराज्यपाल हर मामले पर असहमति नहीं जता सकते हैं। संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से माना कि चुनी हुई सरकार और मंत्रिमंडल के पास फैसले लेने की असली शक्ति है। इस फैसले से आम आदमी पार्टी खुश नजर आ रही हैं और इसे जनता की जीत बता रही हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए केजरीवाल सरकार पर निशाना साध रही है।
सिसोदिया ने कसा तंज
इधर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मोदी सरकार ने हमारे अधिकारों को कम किया और राज्य सरकार कोर्ट के फैसले के अनुरूप काम करेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब एलजी साहब से आदेश लेने की जरूरत नहीं रह गई है। सिसोदिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन विषयों को छोड़कर सारे विषयों पर अधिकार दिल्ली की चुनी हुई सरकार को दे दिया है।