सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके भूपेन्द्र भाई पटेल सीएम चुने जाने से पहले कई बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
नई दिल्ली। गुजरात के नए मुख्यमंत्री के लिए भूपेन्द्र भाई पटेल (Bhupendra Bhai Patel) को चुना गया है। गुजरात भाजपा विधायक दल में उनके नाम पर सहमति बनने के बाद पार्टी पर्यवेक्षक नरेन्द्र सिंह तोमर ने उनके नाम की घोषणा की। माना जा रहा है कि उनके नाम की घोषणा के पहले तक किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अगला सीएम कौन होने वाला है। आइए जानते हैं कि भूपेन्द्र भाई पटेल कौन हैं?
सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके भूपेन्द्र पटेल सीएम चुने जाने से पहले कई बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (ADU) के अध्यक्ष पद भी संभाल चुके हैं। माना जाता है कि वह राजनीति में शुरू से काफी इच्छुक थे हालांकि वह इस क्षेत्र में काफी बाद में आए।
वर्ष 2010 से 2015 के बीच भूपेन्द्र पटेल अहमदाबाद के थालतेज वार्ड से पार्षद चुने गए थे। वर्ष 1999-2001 में वह अहमदाबाद नगरपालिका की स्टैंडिग कमेटी के अध्यक्ष बने। गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को जब सीएम पद से हटाया गया था तो उन्होंने अपनी सीट से भूपेन्द्र यादव को इलेक्शन में खड़ा करने का समर्थन किया था। आनंदीबेन पटेल के कहने पर ही उन्हें चुनाव का टिकट दिया गया। वर्ष 2017 में हुए आम विधानसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के शशिकांत पटेल को एक लाख सत्रह हजार से अधिक मतों के बड़े अंतर से हटाया था।
इसलिए चुना गया उन्हें मुख्यमंत्री
वर्तमान में उनके विरुद्ध किसी भी तरह की कंट्रोवर्सी नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई जांच चल रही है। माना जा रहा है कि भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार विजय रूपाणी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव हार सकती है। ऐसे में पार्टी ने रूपाणी को हटा कर भूपेन्द्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा ताकि उनकी स्वच्छ छवि के आधार पर राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव जीते जा सकें।