राजनीति

कौन हैं कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार जिनके लिए धरने पर बैठीं CM ममता बनर्जी?

1,900 करोड़ के चिटफंड घोटाला मामले में टीएमसी सांसद केडी सिंह की 239 करोड़ रुपए की संपत्तियां पहले की कुर्क हो चुकी हैं।
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Feb 04, 2019
rajiv kumar
कौन हैं कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार जिनके लिए धरने पर बैठीं CM ममता बनर्जी?

नई दिल्‍ली। रविवार को सारदा चिटफंड घोटाले मामले में जांच के लिए सीबीआई की टीम कोलकाता पहुंचने के बाद से वहां के पुलिस कमिश्‍नर राजीव कुमार सुर्खियों में हैं। इतना ही नहीं सीबीआई कार्रवाई के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी रविवार रात से ही धरने पर बैठी हैं। लेकिन इस बात की जानकारी बहुत कम लोगों को है कि आखिर राजीव कुमार कौन हैं जिनके लिए ममता कुछ भी करने को तैयार हैं। राजीव कुमार के पास ऐसा कौन सा राज है जिसके खुलासे का डर उन्‍हें सता रहा है। बता दें कि 1,900 करोड़ के चिटफंड घोटाला मामले में टीएमसी सांसद केडी सिंह की 239 करोड़ रुपए की संपत्तियां पहले की कुर्क हो चुकी हैं। जानिए इतने राजदार नौकरशाह राजीव कुमार के बारे में सबकुछ:

चंदौसी के रहने वाले हैं राजीव कुमार
राजीव कुमार 1989 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। राजीव कुमार के पिता उत्तर प्रदेश के चंदौसी में एक कॉलेज के प्रोफेसर थे। राजीव का परिवार चंदौसी में ही रहता है। उन्होंने एसएम कॉलेज से पढ़ाई की और फिर आईएएस की परीक्षा में सफलता हासिल की। आईपीएस अधिकारी बनने के बाद राजीव पश्चिम बंगाल आ गए। फिलहाल राजीव कुमार पश्चिम बंगाल पुलिस में कोलकाता कमिश्नर के पद पर तैनात हैं।

डायरी गायब करने का आरोप
जानकारी के मुताबिक राजीव कुमार की गिनती सीएम ममता बनर्जी के करिबियों में की जाती है। राजीव कुमार ने 2013 में सारदा चिटफंड घोटाले मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के प्रमुख थे। उनके ऊपर जांच के दौरान गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। एसआईटी प्रमुख राजीव कुमार ने जम्मू कश्मीर में सारदा के चीफ सुदीप्त सेन गुप्ता और उनके सहयोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था। उनके पास से डायरी बरामद हुई थी। डायरी में चिटफंड से रुपए लेने वाले नेताओं के नाम थे। राजीव कुमार पर इसी डायरी को गायब करने आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने राजीव कुमार को आरोपी बनाया था।

Published on:
04 Feb 2019 10:32 am