संघ गोवा इकाई के पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकर ने दावा किया है कि राजनीति के वर्तमान हालात ऐसे हैं कि अगर भगवान राम को भी खुद चुनाव लड़ना पड़ता तो जीत के लिए उनको भी पैसा खर्च करना पड़ता।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक पूर्व पदाधिकारी ने चुनाव के लिए भगवान राम का नाम इस्तेमाल किया है। संघ गोवा इकाई के पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकर ने दावा किया है कि राजनीति के वर्तमान हालात ऐसे हैं कि अगर भगवान राम को भी खुद चुनाव लड़ना पड़ता तो जीत के लिए उनको भी पैसा खर्च करना पड़ता। आपको बता दें कि वेलिंगकर बुधवार को राजधानी पणजी में गोवा सुरक्षा मंच (जीएसएम) के युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति में चुनावों में जिस तरह से धन-बल का अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहा है, इन हालातों में अगर भगवान राम भी चुनाव जीतने के लिए पैसा खर्च नहीं करते उन्हें भी पराजय का सामना करना पड़ता।
वेलिंगकर ने कहा कि चुनाव के दौरान उम्मीदवार दो तरह के लोगों युवा एवं महिलाओं को लुभाते हैं। इनको वो नकद या उपहार की पेशकश कर अपने पक्ष में करने का प्रयास करते हैं। आपको बता दें कि वेलिंगकर ने 2017 में गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान जीएसएम के नाम से अपना अलग दल बना लिया था। दरअसल, यह कदम उन्होंने भाजपा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ स्कूली शिक्षा में भाषा के माध्यम के मुद्दे पर टकराव के बाद उठाया था। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर नैतिकता खोने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। इसके साथ ही उन्होंने दो बीमार मंत्रियों को राज्य मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाए जाने पर सीएम मनोहर र्पिरकर पर भी निशाना साधा।
वेलिंगकर ने कहा कि र्पिरकर खुद गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद सीएम जैसे अहम पद पर बने हुए हैं, जबकि उन्होंने अपने ही मंत्रीमंडल से दो मंत्रियों को केवल बीमार होने की वजह से बाहर निकाल दिया है। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेताओं भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार मिटाओं का नारा देती है, लेकिन एक भी मंत्री ऐसा नहीं है, जो पैसा नहीं कमा रहा हो।