
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस कोटे के मंत्रियों ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। मंत्रियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और पार्टी सचिव आशीष दुआ भी थे।
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और अशोक चव्हाण सहित सोमवार को शपथ ग्रहण करने वाले वरिष्ठ मंत्रियों ने भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में उनकी अनदेखी की गई है। दो बार के विधायक मुंबई के अमीन पटेल कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उनसे जूनियर विधायकों असलम शेख और वर्षा गायकवाड को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव में चौथे स्थान पर रही कांग्रेस अब वरिष्ठ नेताओं को पार्टी में पद और गठनात्मक जिम्मेदारी देने की योजना बना रही है। एक नेता ने कहा कि बैठक का उद्देश्य राज्य में पार्टी की पहुंच बढ़ाने के कार्यक्रम पर चर्चा करना था और गठबंधन पर फीडबैक देना था।
मुलाकात के दौरान एक मंत्री ने कहा कि यह बैठक पार्टी अध्यक्ष को धन्यवाद देने और राज्य में आगे कैसे काम किया जाए, इस पर शीर्ष नेतृत्व से निर्देश लेने के लिए थी।
मंत्रिमंडल में कांग्रेस को 12 सीटें मिली है और वे कुछ प्रमुख विभागों पर नजर बनाए हुए हैं। पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष भी चुनना है, क्योंकि बालासाहेब थोरात मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष के लिए सबसे आगे चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को अब पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर विचार चल रहा है। एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण अब मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं।