देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों में OBC आरक्षण को निरस्त किए जाने के लिए पूरी तरह से महाराष्ट्र सरकार जिम्मेदार है।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ( Devendra Fadnavis ) ने शनिवार को कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों ( Local body elections )
में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण ( Other Backward Classes Reservation ) को निरस्त किए जाने के लिए पूरी तरह से महाराष्ट्र सरकार जिम्मेदार है। इस संबंध में फडणवीस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र भी लिखा। पत्र में फडणवीस ने शिवसेना-राकांपा और कांग्रेस सरकार पर मुद्दे को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया।
ओबीसी आरक्षण को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया
पत्र में फडणवीस ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। इस पर राज्य सरकार की ओर से दाखिल की गई पुनरीक्षण वाली याचिका भी खारिज कर दी गई है। जो राज्य की ओर से बरती गई घोर लापरवाही का नतीजा है। फडणवीस ने कहा कि महा विकास अघाड़ी सरकार इस मुद्दे को लेकर हमेशा लापरवाह रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना कर कोर्ट के समक्ष एक अनुभवसिद्ध आंकड़ा प्रस्तुत करे जो आरक्षण को उचित ठहराता हो।
जानबूझकर आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया
कोर्ट के कहने के बाद भी राज्य सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और इस दिशा में कुछ नहीं किया। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने ऐसा कोई आंकड़ा उपलब्ध न कराने के लिए केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि हाईकोर्ट ने आंकड़ा पेश करने के लिए केंद्र सरकार को कहा था। लेकिन केंद्र इस मामले को दबाए रहा और जानबूझकर आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया। यही वजह है कि आरक्षण को निरस्त कर दिया गया।