सोनिया और पवार की मुलाकात के बाद तस्वीर होगी साफ सरकार में शामिल नहीं होना चाहती है कांग्रेस महाराष्ट्र में अभी राष्ट्रपति शासन लागू
नई दिल्ली।महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना, NCP और कांग्रेस के बीच भले ही कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत सहमति बन गई हो, लेकिन अभी तक इसपर अंतिम मुहर नहीं लगी है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाने के मूड में नहीं है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ शरद पवार ने भी इसके संकेत दिए हैं कि महाराष्ट्र में अभी गठबंधन की सरकार नहीं बन रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य में मध्यावधि चुनावों की कोई संभावना नहीं है। जल्द से जल्द राज्य में एक स्थिर सरकार बनेगी।
19 नवंबर को सोनिया और शरद पवार की मुलाकात
गौरतलब है कि 19 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम चेयरपर्सन और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की मुलाकात होनी है। बैठक के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी कि महाराष्ट्र में तीनों दल मिलकर सरकार बनाएंगे या नहीं।
आज राज्यपाल से मिलेंगे तीनों दलों के नेता
बता दें कि आज शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिलने जा रहे हैं। दोपहर तीन बजे राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से मुलाकात करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि तीनों दलों के प्रतिनिधिमंडल इस दौरान सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है। हालांकि एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि तीनों दलों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से किसानों के मुद्दे पर मिलेगा। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में किसानों की स्थिति ज्यादा खराब है। इसी को देखते हुए तीनों दलों के नेता राज्यपाल से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच मंत्रियों को लेकर 14-14-12 का फॉर्मूला तय हो गया है। साथ ही यह भी रजामंदी हो गई है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा। वहीं कांग्रेस और एनसीपी के 1-1 उपमुख्यमंत्री होंगे। लेकिन सरकार बनने को लेकर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है।