राजनीति

महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर हलचल बढ़ी, एनसीपी प्रमुख से मिलने पहुंचे संजय राउत

शरद पवार ने कहा, सरकार बनाने में और देरी नहीं की जानी चाहिए भाजपा और सेना में सीएम पद को लेकर फंसा है पेंच शिवसेना का आरोप, भाजपा राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती है
2 min read
sanjay_sharad.jpg

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर स्थिति साफ होती दिख रही है। शिवसेना की ओर से बीजेपी को 48 घंटे का अल्टीमेटम देने के बावजूद स्थिति में साफ ना होने के बाद अब शिवसेना ने नया कदम उठाया है। शिवसेना नेता शिवसेना नेता संजय राउत एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलने पहुंचे। जबकि दूसरी तरफ शरद पवार के सुर भी बदले हुए नजर आए। शरद पवार ने कहा है कि शिवसेना को महाराष्ट्र में सरकार बनाने में अब देरी नहीं करनी चाहिए।

बता दें, इससे पहले भी रउत पवार से मिल चुके हैं। तब पवार ने कहा था कि वे विपक्ष में बैठेंगे। शिवसेना की ओर से उन्हें सरकार बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। लेकिन इस मुलाकात के बाद हो सकता है महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदल जाएं। पहले भी कहा जा रहा था कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार का गठन कर सकती है।

गौर हो, बहुमत पाने के बावजूद सरकार के गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना गठबंधन के बीच सीएम पद को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इसे लेकर भाजपा की तरफ से बयानबाजी कम हो रही है। लेकिन लेकिन शिवसेना नेता संजय राउत भाजपा के खिलाफ काफी मुखर होकर बयानबाजी कर रहे हैं। अपने एक ताजा ट्वीट में भी संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधाते हुए लिखा है- 'चुनौतियों से भागना नहीं है, बल्कि जूझना जरुरी है।' उन्होंने अपने ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की पक्तियों का भी उल्लेख किया।

इससे पहले अपने के अन्य बयान में राउत ने भाजपा पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की ओर ले जाने का भी आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि बीजेपी महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है, यह जनादेश का अपमान है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में पिछली सरकार का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है।

Updated on:
10 Nov 2019 11:13 am
Published on:
08 Nov 2019 05:00 pm