सुप्रीम कोर्ट से जमान‍त मिलने के 18 घंटे बाद हुई रिहा प्रियंका शर्मा ने मीम शेयर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की रिहा करने में विलंब होने पर सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को लगाई फटकार
नई दिल्ली। भारतीय जनता युवा मोर्चा की नेता प्रियंका शर्मा को पश्चिम बंगाल जेल प्रशासन ने बुधवार को रिहा कर दिया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने में आनाकानी करने पर जेल प्रशासन को फटकार लगाई। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ममता मीम केस मामले में जेल प्रशासन को बिना शर्त रिहा करने का आदेश दिया था।
मुझे डराने का प्रयास किया गया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मीम फेसबुक पर पोस्ट करने वाली भाजपा युवा मोर्चा की नेता प्रियंका शर्मा ने जेल से छूटने के बाद कहा कि वह माफी नहीं मांगेंगी। मैं केस लडूंगी। उन्होंने ये भी कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को ही जमानत मिल गई थी। लेकिन उसके 18 घंटे बाद भी मुझे रिहा किया गया। पिछले पांच दिनों में मुझे मेरे परिवार और वकील से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने मुझसे माफीनामा लिखवाया और डराने का प्रयास किया।
पहली नजर में प्रियंका की गिरफ्तारी मनमानी
प्रियंका शर्मा की रिहाई में विलंब को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पहली नजर में प्रियंका की गिरफ्तारी मनमानी है। अगर उसे रिहा नहीं किया गया तो अवमानना का मामला शुरू किया जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि आधे घंटे में प्रियंका को रिहा किया जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि उसे सुबह 9.40 पर रिहा किया गया और वह रातभर जेल में रहीं।
10 मई को हुई थी गिरफ्तार
आपको बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा की कार्यकर्ता प्रियंका पिछले शुक्रवार से कोलकाता की जेल में बंद थी। उन्हें हावड़ा पुलिस ने 10 मई को अपने फेसबुक अकाउंट पर प्रियंका चोपड़ा की तस्वीर पर ममता बनर्जी का चेहरा सुपर इम्पोज कर मजाकिया तस्वीर पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। प्रियंका की ओर से उनके परिवार ने दर्ज एफआईआर रद्द करने और जमानत पर रिहा करने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी।