
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने सोमवार को कोल्हापुर के पत्रपति शाहू महाराज से मुलाकात की है। मराठा आरक्षण से सियासी माहौल गर्म है, ऐसे में अजित पवार और शाहू महाराज के बीच हुई मुलाकात ने चर्चाओं को हवा दे दी है। सांसद संभाजी राजे ने बीजेपी पर नाराजगी जताई थी। साथ ही ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ द्वारा संभाजी राजे की लगातार प्रशंसा की पृष्ठभूमि में अजित पवार का दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाहू महाराज और अजित पवार के बीच एक घंटे तक चली मुलाकात शुरू हो गई। बैठक के बाद छत्रपति शाहू महाराज ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ठाकरे सरकार मराठा आरक्षण को लेकर सकारात्मक है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करने की जरूरत
छत्रपति शाहू महाराज ने कहा कि हमने हर चीज पर चर्चा की है और अजीत पवार हमें इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने समाज के लिए जो कुछ भी किया जा सकता है, उसे करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने मराठा आरक्षण पर बोलते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया है और इसका अध्ययन करने की जरूरत है। हमें परिणाम को समझकर हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार मराठा आरक्षण की अन्य मांगों पर ध्यान दे रही है और आगे भी करती रहेगी। हमने आंदोलन को लेकर कोई चर्चा नहीं की है।
मराठा समुदाय को अपने पैरों पर खड़ा होने की जरूरत
उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय को अब अपने पैरों पर खड़ा होने की जरूरत है। जिन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन नहीं किया है, उन्हें ऐसा करने की जरूरत है। इसे मराठी में अनुवाद करके समझना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अदालत की अवमानना नहीं होनी चाहिए।
हम चांद, और सूरज नहीं मांगते
शाहू महाराज ने कहा ने कहा कि अगर केंद्र सरकार यहां ध्यान देती है और वे रुचि रखते हैं, तो आपको पहले ही बता दिया जाना चाहिए कि आप कानून में बदलाव करके ही अगला कदम उठा सकते हैं। मैं यह समझाने वाला वकील नहीं हूं कि कानून में क्या है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ठाकरे सरकार मराठों के लिए और अधिक करने के लिए सकारात्मक है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आपको चांद चाहिए, आपको सूरज चाहिए, तो आप इसे कैसे लाएंगे। हमें वह दे जो संभव और वयवहार्य हो। सरकार को तुरंत अदालत के फैसले को पलटना चाहिए और पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए।