महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है और अगर आपको पुलिस पर भरोसा नहीं है तो कोई भरोसा करने लायक बचता नहीं है
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और उसके बाद उसकी हत्या के मामले में इंसाफ अभी तक नहीं हुआ है। बीते जनवरी की ये घटना है और करीब एक महीना पहले इस मामले में चार्जशीट फाइल की जा चुकी है, लेकिन इन सबके बीच आठ साल की उस मासूम का परिवार अभी भी इंसाफ की उम्मीद में है।
सीएम ने कहा- सीबीआई जांच की जरूरत नहीं
इस बीच जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ये साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार कठुआ गैंगरेप केस की सीबीआई जांच नहीं कराना चाहती है। महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है और अगर आपको जम्मू और कश्मीर पुलिस पर भरोसा नहीं है तो कोई भरोसा करने लायक बचता नहीं है।
'पुलिस पर रखो भरोसा, सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है'
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती ने कहा, ''अगर आप क्राइम ब्रांच के अधिकारियों पर उनके और क्षेत्र के नाम को लेकर सवाल उठाते हैं, तो ये बेहद ही शर्मनाक और खतरनाक है''। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई अपराध होता है, हम जांच अधिकारियों की टीम बनाने के लिए जनमत संग्रह नहीं कर सकते, जो लोग क्राइम ब्रांच की टीम पर सवाल उठा रहे हैं, उनका जरूर इसमें कोई खुद का स्वार्थ है ताकि वो ऐसे जघन्य अपराध के साजिशकर्ताओं को बचा सकें।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होनी है सुनवाई
आपको बता दें कि कठुआ गैंगरेप मामले को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है। कोर्ट 8 साल की उस मासूम बच्ची के पिता की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें इस केस का ट्रायल जम्मू-कश्मीर से बाहर कराने की मांग की गई है। हालांकि राज्य सरकार इसके खिलाफ है। बच्ची के पिता ने अपनी याचिका में ये मांग की है कि इस केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर किया जाए। वहीं बच्ची का परिवार इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।
मामले को लेकर खूब हुई है सियासत
आपको बता दें कि इस मामले को लेकर अभी तक खूब सियासत हो चुकी है। 8 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और उसकी हत्या के मामले में धर्म का एंगल भी जोड़ा गया और इतना ही नहीं शर्मनाक बात तो ये है कि बीजेपी के 2 मंत्रियों ने आरोपियों के समर्थन में हुई रैली में हिस्सा लिया, जिसके बाद पार्टी हाईकमान ने दोनों मंत्रियों को कैबिनेट से निकाल दिया।