उमा भारती से पहले केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि आरोप लगाने वाली महिलाओं को इंसाफ मिलना चाहिए।
नई दिल्ली। महिलाओं के साथ अतीत में हुए यौन दुर्व्यवहार को लेकर होने वाले खुलासे की मुहिम #MeToo को लेकर अब धीरे-धीरे मोदी कैबिनेट के मंत्री सामने आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'यह घटना जिस समय की बताई जा रही है तब एमजे अकबर केंद्र सरकार का हिस्सा नहीं थे। यह अकबर और उन आरोप लगाने वाली महिलाओं के बीच का मामला है। इसलिए सरकार इस पर कुछ नहीं कह सकती है।'
...ये हैं मोदी सरकार की महिला मंत्रियों की टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने ऐलान किया था कि #MeToo से जुड़े मामलों पर चार सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का पैनल सुनवाई करेगा। उमा भारती से पहले केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि आरोप लगाने वाली महिलाओं को इंसाफ मिलना चाहिए। वहीं केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।
साथी दलों ने भी बरती सख्ती
मोदी सरकार के मंत्री पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर भाजपा के साथी दल भी सख्त नजर आ रहे हैं। शिवसेना ने अकबर का इस्तीफा मांगा है। रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास अठावले ने पहले एमजे अकबर को भी पक्ष रखने का मौका देने की वकालत की थी लेकिन बाद में उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे दोषी हैं तो उनसे इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
...तमाम दिग्गज हैं #MeToo के शिकंजे में
गौरतलब है कि महिलाओं के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोपियों की सूची में अब तक लेखक, पत्रकार, अभिनेता, संगीतकार, गायक से लेकर केंद्रीय मंत्री तक के नाम शामिल हो गए हैं। इस फेहरिस्त में मोदी सरकार के विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर, दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, आलोक नाथ, कैलास खेर, साजिद खान समेत कई दिग्गजों के नाम सामने आ चुके हैं। आरोप लगाने वाली महिलाओं में अभिनेत्रियां, निर्माताओं-निर्देशकों और पत्रकारों के भी नाम हैं।