
नई दिल्ली। पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा देश के आर्थिक हालात को लेकर सरकार को सलाह देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने लीडरशिप के तौर तरीकों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो पीएम से बेखौफ होकर बोल सके। शासनिक और प्रशासनिक मुद्दों पर खुलकर विचार व्यक्त कर सके।
लोकतंत्र में मिले तार्किक बहस को जगह
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने जयपाल रेड्डी की संस्मरण सभा में कहा कि भारत को एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो सिद्धांतों के आधार पर प्रधानमंत्री के साथ बहस कर सके। बिना किसी चिंता के विचार व्यक्त कर सके।
दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे नेता की जरूरत है जो जब अपने विचार व्यक्त करे तो उसे ये चिंता न रहे कि उसके विचारों को सुनकर प्रधानमंत्री खुश होंगे या नहीं। लोकतंत्र की महानता इसी में है कि राजनीति व्यवस्था में सैद्धांतिक बहस को स्थान मिले।
रेड्डी ने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया
बता दें कि कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का हैदराबाद में 28 जुलाई को निधन हो गया था। जयपाल रेड्डी के साथ 1990 के दशक में अपने गुजरे दिनों को याद करते हुए जोशी ने कहा कि वे आखिरी समय तक मुखर होकर अपने विचार प्रकट करते थे। उन्होंने हर स्तर व महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने मुद्दों के साथ कभी समझौता नहीं किया।