
नई दिल्ली: 2019 लोकसभा चुनाव से पहले और SC-ST एक्ट से निराश चल रहे सवर्ण जातियों को खुश करने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण की मंजूरी दे दी है। आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने का विचार किया जा रहा है। सरकार मंगलवार को संविधान संशोधन विधेयक लाने जा रही है। मोदी सरकार आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की घोषणा की है। संविधान में इस आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। संविधान में जाति के आधार पर आरक्षण की बात का जिक्र है। ऐसे में सरकार को इसको लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। सरकार इसके लिए जल्द ही संविधान में बदलाव करेगी। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में बदलाव किया करना होगा। दोनों अनुच्छेद में बदलाव कर आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है।
इन लोगों को मिलेगा लाभ
सूत्रों की मानें तो ये आरक्षण 8 लाख सालाना आमदनी और 5 एकड़ से कम जमीन वाले अगड़ी जातियों को मिल सकता है। मौजूदा समय में देश में OBCको 27 फीसदी आरक्षण है SC को 15 और ST को 7.5 आरक्षण दिया गया है। कुल मिलाकर देश में 49.5 फीसदी आरक्षण है। देश भर में 12-14 फीसदी सवर्ण हैं। बता दें कि अगर ये बिल पास हो गया तो आरक्षण की सीमा पचास फीसदी से ऊपर हो जाएगी। जोकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है।
SC-ST एक्ट से सवर्ण चल रहे थे नाराज
गौरतलब है कि एससी एसटी एक्ट पर मोदी सरकार ने संसद में संशोधन बिल पास कराकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल दिया था। इस के बाद देशभर में मोदी सरकार के खिलाफ सवर्णों ने विरोध प्रदर्शन किया था। गौरतलब है कि चुनाव नजदीक आते ही मोदी सरकार ने अपना पिटारा खोल दिया है। बताते चले कि सरकार ने इस फैसले से बड़ा मास्टर स्ट्रोक लगाया है।
चुनाव से पहले बड़ा तोहफा
मोदी सरकार चुनाव से पहले अन्नदाताओं को बड़ा तोहफा देने जा रही है। किसानों को 4, 000 प्रति एकड़ रुपए आर्थिक सहायदा देने जा रही है। सरकार खेती के लिए हर सीजन में 4000 रुपए प्रति एकड़ की दर से आर्थिक मदद करेगी। यह पैसा सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में भेजा जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों का एक लाख तक ब्याज मुक्त करने की भी घोषणा करेगी। इसी हफ्ते इसका ऐलान किया जाएगा। योजना पर सालाना खर्च 2.3 लाख करोड़ का होगा।