नवजोत सिंह सिद्धू ने आज पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। कुछ देर बाद रजिया सुल्ताना ने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
नई दिल्ली। पंजाब में सियासी पारा उतरने का नाम नहीं ले रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के इस्तीफे को कांग्रेस आलाकमान ने नामूंजर कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने इस्तीफे को स्वीकार नहीं करा है। इसके साथ प्रदेश कांग्रेस को निर्देश दिए कि समस्या का हल निकाला जाए। नवजोत सिंह सिद्धू ने आज (28 सितंबर) पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट से समझौता शुरू होता है, तो मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं।
उन्होंने लिखा कि इसलिए, मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा। सिद्धू ने इस वर्ष जुलाई में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष का पद संभाला था।
नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के कुछ देर बाद रजिया सुल्ताना ने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को दिए त्यागपत्र में सुल्ताना ने कहा कि वह नवजोत सिंह सिद्धू के प्रति एकजुटता दिखाते हुए इस्तीफा दे रही हैं।
सुल्ताना सिद्धू की काफी करीबी हैं। उनके पति मोहम्मद मुस्तफा सिद्धू के प्रधान रणनीतिक सलाहकार हैं। रजिया सुल्ताना के इस्तीफे के बाद पंजाब के मंत्री परगट सिंह ने भी इस्तीफा दिया है। उन्होंने भी सिद्धू के समर्थन में शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया।