
नई दिल्ली। भारत और चीन ( India China Tension ) में चल रहे तनाव को लेकर देश में राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( NCP ) के प्रमुख शरद पवार ( Sharad Pawar ) ने पीएम मोदी ( pm modi Ladakh Visit ) के लद्दाख दौरे को लेकर प्रतिक्रिया दी है। दरअसल पवार ने मोदी के दौरे को किसी तरह चौंकाने वाला नहीं माना। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लद्दाख दौरे को लेकर आश्चर्यचकित नहीं थे। इतना ही नहीं पवार ने याद दिलाया कि 1962 के युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ( Jawaharlal Nehru ) और तत्कालीन रक्षा मंत्री यशवंतराव चव्हाण ने सीमा क्षेत्र का दौरा किया था।
पवार की मानें तो पीएम मोदी ने ऐसा कुछ नया नहीं किया जो चौंकाने वाला या नया हो। पुणे में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि जब वह 1993 में रक्षा मंत्री थे तब वह चीन गए थे। इस दौरान एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के सैनिक पीछे हटे थे।
सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी को दी थी सलाह
एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि ''प्रधानमंत्री के साथ सर्वदलीय बैठक के दौरान भी मैंने वर्तमान मुद्दे को लेकर बात की थी। पवार ने बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत के दौरान ये कहा था कि इस मसले को राजनयिक बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत है। हमें चीन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना चाहिए।''
प्रेसवार्ता के दौरान जब शरद पवार से मोदी के लद्दाख दौरे से संबंधित सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि चीन ने 1962 में भारत को पराजित किया था, लेकिन तब भी तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए वहां गए थे।
3 जुलाई को लेह पहुंचे थे पीएम मोदी
आपको बता दें कि चीन से लद्दाख की सीमा पर चल रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक तीन जुलाई को लेह पहुंचे थे।
इस दौरान पीएम ने यहां अग्रिम पोस्ट पर जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने थलसेना, वायुसेना और ITBP के जवानों से मुलाकात की। उन्हें अधिकारियों ने ताजा हालात और तैयारियों की जानकारी दी। पीएम के साथ सीडीएस बिपिन रावत और थल सेना अध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद थे।