राजनीति

दिल्ली में राहुल गांधी से मिले शरद पवार, 2019 के लिए विपक्षी एकता को मिला बल

2019 लोकसभा चुनाव के साथ-साथ एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनावों को लेकर चर्चाएं हुई हैं।

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Jun 11, 2018
Sharad Pawar Meet Rahul Gandhi

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ-साथ विपक्षी दलों ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। जहां एक तरफ भाजपा 2019 के लिए 'संपर्क फॉर समर्थन' अभियान चला रही है तो वहीं विपक्षी दल 2019 के लिए एकजुट होने की कवायद में जुटे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। वहीं यूपी में अखिलेश यादव ने भी एकजुट होने के साफ संकेत दे दिए हैं। इस बीच एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात की।

राहुल गांधी से मिले शरद पवार
इस मुलाकात को 2019 की तैयारियों को तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने पवार से मिलना की इच्छा जाहिर की थी। राहुल से मिलने के लिए शरद पवार सिर्फ एक दिन के लिए मुंबई से दिल्ली आए। राहुल पवार से मिलने उनके जनपथ स्थित सरकारी आवास पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, पवार और राहुल के बीच विपक्ष की आगामी रणनीति को लेकर खासी चर्चा हुई।

एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान पर ध्यान देने को कहा
खबरों की मानें तो शरद पवार ने इस मुलाकात में राजनीति में अपना अनुभव राहुल गांधी के साथ साझा किया है। पवार ने राहुल गांधी से कहा कि वह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान पर अपना पूरा फोकस करें। अगर इन तीन राज्यों में बीजेपी को हटाकर कांग्रेस सत्ता में आती है तो आने वाले लोकसभा चुनाव में विपक्ष को और खासकर कांग्रेस को एक नई मजबूती मिलेगी। शरद पवार ने कहा है कि इससे राहुल गांधी का कद भी बढ़ेगा। पवार का सुझाव था कि आगामी तीन राज्यों के राहुल उसी तरह का आक्रामक चुनाव अभियान करें, जैसा उन्होंने गुजरात व कर्नाटक में किया है। इतना ही नहीं, इन तीन राज्यों के असेंबली चुनाव 2019 की लोकसभा चुनाव के रणनीति की नींव डालेंगे।

शरद पवार ने राहुल के साथ साझा किया अपना अनुभव
आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं था, जब राहुल पवार से मिले हों। इससे पहले भी दोनों नेताओं की मुलाकात होती रही है। राहुल का शरद पवार से लगातार मिलना इस बात का बड़ा संकेत है कि राहुल गांधी विपक्ष की एकता को लेकर गंभीर हैं और वह पवार के लंबे अनुभव का वह फायदा उठाना चाहते हैं। राहुल गांधी व शरद पवार अगर एक होकर सोचते हैं तो इसका फायदा कांग्रेस को भी हो सकता है।

आपको बता दें कि रविवार को पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में शरद पवार ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा था। उन्होंने पीएम मोदी को मिली जान से मारने की धमकी को लेकर कहा था कि ये एक पब्लिसिटी स्टंट हैं और प्रधानमंत्री इसके जरिए लोगों की सहानुभूती हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

Published on:
11 Jun 2018 01:35 pm
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