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Ashok Gehlot : ‘बेटियों को स्कूल लाने वाली हर योजना पर कैंची क्यों चला रही है BJP’, अशोक गहलोत ने किया सवाल

Ashok Gehlot : कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर सवाल दागते हुए कहा कि आखिर बेटियों की शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान से भाजपा सरकार को इतनी दिक्कत क्यों है?
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Ashok Gehlot : कांग्रेस के बड़े नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो - ANI

Ashok Gehlot : राजस्थान सरकार की फ्री साइकिल योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटियों को फ्री दी जाने वाली साइकिल योजना का लाभ सिर्फ एनएफएसए से जुड़े परिवारों की बेटियों को ही मिलेगा। शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल गई है। इससे करीब 90 हजार बेटियां साइकिल योजना से बाहर हो जाएंगी। इस नए फैसले पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने अपनी नाराजगी जताते हुए भजनलाल सरकार पर हमला किया और कहा आखिर बेटियों की शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान से भाजपा सरकार को इतनी दिक्कत क्यों है?

कांग्रेस के बड़े नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि बेटियों की शिक्षा को लेकर कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार की नीयत में जमीन-आसमान का फर्क है। हमारी सरकार ने बेटियों की LKG से PG तक की पूरी पढ़ाई सरकारी संस्थानों में मुफ्त की, कालीबाई भील योजना में स्कूटी पाने वाली बालिकाओं की संख्या 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार की, और 5 साल में 132 बालिका कॉलेज खोले।

करीब 90 हजार बेटियों को नहीं मिलेगा फ्री साइकिल

अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इन्हीं योजनाओं में कैंची चलानी शुरू कर दी है। 9वीं की छात्राओं को मिलने वाली निःशुल्क साइकिल योजना अब सिर्फ NFSA परिवारों तक सीमित कर दी गई है, जिससे करीब 90 हजार यानी 28 प्रतिशत बेटियां बाहर हो जाएंगी, और बजट में भी 40 करोड़ रुपए की कटौती कर दी गई है।

इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार, जिसे अब पद्माक्षी पुरस्कार नाम दिया गया है, उसमें 12वीं की मेधावी बेटी को पहले मिलने वाले 1 लाख रुपए और स्कूटी को घटाकर सिर्फ 75 हजार रुपए कर दिया गया है, स्कूटी पूरी तरह हटा दी गई है। शिक्षक सम्मान की संख्या भी 1,374 से घटाकर सिर्फ 189 कर दी गई है।

भाजपा सरकार को इतनी दिक्कत क्यों है?

अशोक गहलोत ने लिखा कि आखिर बेटियों की शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान से भाजपा सरकार को इतनी दिक्कत क्यों है? हर योजना जो बेटी को स्कूल तक लाती है, उसी पर कैंची क्यों चलाई जा रही है? कांग्रेस ने बेटियों के लिए दरवाजे खोले थे, भाजपा सरकार उन्हीं दरवाजों पर ताले जड़ रही है। ये भाजपा की दकियानूसी सोच का उदाहरण है।