
अभिजीत दीपके पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने बोला हमला (Photo: IANS)
Maharashtra Government Schools: महाराष्ट्र की सरकारी और ग्रामीण स्कूलों की स्थिति को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राज्य के सरकारी स्कूलों में बदहाली का आरोप लगाया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों पर सरकार का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। अब उनके बयान पर शिवसेना के मंत्री गुलाबराव पाटील ने पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी को भी इस तरह के मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद शनिवार को मीडिया से बातचीत में गुलाबराव पाटील ने कहा कि स्कूलों की समस्याओं को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर किसी सरकारी स्कूल में कोई कमी है तो उसे सामने लाया जाना चाहिए, ताकि सरकार उस कमी को दूर कर सके। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि राज्य की 100 फीसदी स्कूलों की अनदेखी हुई है।
गुलाबराव पाटील ने अभिजीत दीपके के सरकारी स्कूलों को लेकर किए गए दावे को खारिज करते हुए कहा कि सभी स्कूलों की स्थिति एक जैसी नहीं है। उन्होंने नाशिक जिले के सुरगाणा की एक स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दूसरी कक्षा में पढ़ने वाला एक विद्यार्थी 1300 तक के पहाड़े सुना सकता है।
पाटील ने कहा कि इस तरह के उदाहरण बताते हैं कि सभी सरकारी स्कूलों को एक ही नजरिए से नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक अभिजीत दीपके का बयान उन्हें केवल विरोध के लिए विरोध करने वाला नजर आता है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में वास्तव में कमियां हैं, उनकी जानकारी सरकार को दी जानी चाहिए, ताकि उन समस्याओं को दूर किया जा सके।
गुलाबराव पाटील ने कहा कि सरकारी स्कूलों में जहां भी बुनियादी सुविधाओं या शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कमियां हैं, उन्हें सामने लाने की जरूरत है। सरकार उन कमियों को दूर करने के लिए काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों की स्थिति को लेकर पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सुधार पर ध्यान दिया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों में अगर कोई समस्या है तो उसकी जानकारी मिलने पर उसे ठीक करने का प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान गुलाबराव पाटील ने देश के विकास और 2047 के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक एक बड़ी वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उद्योग, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में देश लगातार प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था, किसानों से जुड़ी योजनाओं और विभिन्न विकास क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का प्रयास जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा है और यह सपना देश के प्रत्येक नागरिक का भी है, जो आने वाले समय में जरूर पूरा होगा।
गौरतलब हो कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त से महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित अपने पैतृक गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की। दीपके ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसकी सबसे अधिक मार गरीब छात्रों पर पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सीजेपी सरकारी अस्पतालों में खराब स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर भी इसी तरह का अभियान चलाएगी।
स्वतंत्रता दिवस पर दीपके आज अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे और ध्वजारोहण समारोह में शामिल हुए। इसके बाद वह जिला परिषद के एक स्कूल पहुंचे और वहां की बुनियादी सुविधाओं को देखा। उन्होंने दावा किया कि स्कूल के शौचालयों में पानी की व्यवस्था तक नहीं थी। साथ ही अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने का अरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत को आजाद हुए 80 साल हो गए और अगर अब तक सरकारी स्कूलों में पानी जैसी बुनियादी सुविधा नहीं है, तो देश का विकास कैसे होगा?
Updated on:
15 Aug 2026 04:54 pm
Published on:
15 Aug 2026 04:33 pm
