
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा का चुनाव नवंबर, 2020 में है। लेकिन पटना में सियासी पारा अभी से चरम पर है। जेडीयू ने तो चुनावी अभियान की शुरुआत भी अभी से कर दी है। इस बार जेडीयू ने 'क्यों करें विचार ठीके तो नीतीश कुमार' पार्टी का नारा दिया है।
बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल युनाइटेड ने बिहार के भावी सीएम चेहरे को लेकर यह नारा दिया है। तय है कि एनडीए गठबंधन में होने के बावजूद जेडीयू ने भावी सीएम की घोषणा भाजपा के विमर्श के बगैर ही कर दी है।
सबसे पहले पार्टी कार्यालय पर लगाया पोस्टर
जेडीयू ने इस नारे वाला पोस्टर सबसे पहले पटना स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर लगाया है । इस पोस्टर पर लिखा है कि 'क्यों करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार'। तो वहीं एक अन्य होर्डिंग पर लिखा है- 'सच्चा है, अच्छा है। चलो, नीतीश के साथ चलें।'
जेडीयू ने सीएम नीतीश कुमार को केंद्र में रखकर नारे को देसी अंदाज में लिखवाया है। इस नारे में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि जब विकास पुरुष नीतीश कुमार सरकार का नेतृत्व कर ही रहे हैं तो फिर दूसरे के नाम पर विचार क्यों किया जाए।
आरजेडी ने साधा नीतीश पर निशाना
दूसरी तरफ जेडीयू के नारे में 'ठीके तो हैं' को लेकर आरजेडी ने निशाना साधा है। आरजेडी के विाधयक विजय प्रकाश ने कहा है कि जेडीयू ने अपने नारों से ही हकीकत बयान कर दिया है। आरजेडी नेता ने कहा है कि नीतीश कुमार 'ठीके हैं' न कि 'ठीक हैं'।
विजय प्रकाश ने कहा है कि जेडीयू के नारे से ही साफ है कि नीतीश कुमार को पार्टी के नेता भी अब मजबूरी में मुख्यमंत्री मान रहा है।
आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह कहते हैं कि 'ठीके हैं' और 'ठीक हैं' में बड़ा अंतर होता है। उन्होंने कहा कि ठीके हैं का मतलब कामचलाऊ होता है। ठीक हैं का मतलब होता है कि पूरी तरह से सही होना।