राजनीति

पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, तेल कंपनियों को रोज 550 करोड़ का घाटा

केन्द्र सरकार ने दोहराया है कि देश में पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है। भारत की रिफाइनिंग क्षमता घरेलू मांग से कहीं अधिक है। सरकार ने कहा है कि कुछ इलाकों में दिख रही कमी वास्तविक आपूर्ति संकट नहीं, बल्कि थोक उपभोक्ताओं के रिटेल पम्पों का रुख करने का परिणाम है। वहीं पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कच्चे तेल की कीमतों के चलते तेल कंपनियां अभी भी लगभग 550 करोड़ रुपये का नुकसान रोज उठा रही हैं। मंत्रालय के मुताबिक कुछ औद्योगिक उपभोक्ता महंगे औद्योगिक ईंधन चैनल की बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से खरीद कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर दबाव बन रहा है।
less than 1 minute read
Petrol Diesel
Petrol Diesel: पेट्रोल-डीजल (photo-patrika)

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने दोहराया है कि देश में पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है।भारत की रिफाइनिंग क्षमता घरेलू मांग से कहीं अधिक है। सरकार ने कहा है कि कुछ इलाकों में दिख रही कमी वास्तविक आपूर्ति संकट नहीं, बल्कि थोक उपभोक्ताओं के रिटेल पम्पों का रुख करने का परिणाम है। वहीं पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कच्चे तेल की कीमतों के चलते तेल कंपनियां अभी भी लगभग 550 करोड़ रुपये का नुकसान रोज उठा रही हैं।

मंत्रालय के मुताबिक कुछ औद्योगिक उपभोक्ता महंगे औद्योगिक ईंधन चैनल की बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से खरीद कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर दबाव बन रहा है। सरकार ने बताया कि निजी तेल कंपनियों की हाई स्पीड डीजल बिक्री में इस महीने लगभग 38 प्रतिशत गिरावट आई है। यह पूरी मांग रिटेल आउटलेट्स की ओर शिफ्ट हो रही है। वहीं पीएसयू कंपनियों के बल्क कस्टमर वॉल्यूम में भी करीब 29 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। इससे चिंतित केंद्र सरकार ने राज्यों से विशेष टीमें गठित कर रिटेल ईंधन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, औद्योगिक उपयोग के लिए दुरुपयोग और जमाखोरी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पेट्रोलियम पदार्थों की स्थिति

भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता258.1 मिलियन टन
वर्ष 2025-26 में घरेलू खपत243.2 मिलियन टन
पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात61.5 मिलियन टन
तेल कंपनियों का वर्तमान में नुकसान550 करोड़ रुपये रोजाना
Updated on:
28 May 2026 03:15 pm
Published on:
28 May 2026 03:15 pm