- माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने रखा था महाअभियोग का प्रस्ताव
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के पहले दिन यानी 29 जनवरी को सभी विपक्षी पार्टियां सुबह दस बजे बैठक करने जा रही है। यह बैठक देश के उन मुद्दों पर बातचीत करने के लिए बुलाई गई है, जिस पर मोदी सरकार को संसद में घेरा जा सकता है। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के जजों के आपसी मतभेद जनता के सामने पहली बार खुलकर सामने आने के मसले पर सबसे पहले बात होगी। मगर इस मुद्दे पर सीधे मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाअभियोग लाने के प्रस्ताव पर विपक्षी दल एकजुट नहीं है।
मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे मगर महाअभियोग नहीं लाएंगे
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के खिलाफ महाअभियोग लाने का मुद्दा माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने उठाया था। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर विपक्ष से बात हो रही है। विपक्षी पार्टियों के रूख से यह जरूर साफ है कि वे संसद के बजट सत्र में जज विवाद को पहले दिन से ही जोर-शोर से उठाएंगे। मोदी सरकार को इस मामले के लिए जिम्मेदार भी ठहराया जाएगा। मगर महाअभियोग जैसे बड़े कदम को उठाने का फैसला नहीं करेंगे।
सपा, द्रमुक, एनसीपी, कांग्रेस की ना
सपा ने साफ तौर पर इंकार कर दिया है। सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा है कि सरकार पर इस मुद्दे पर जनता को सच बताने के लिए दबाव डाला जाएगा। मगर सीजेआई के खिलाफ महाअभियोग लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कांग्रेस साफ साफ इंकार नहीं कर रही। मगर इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में काम रोको प्रस्ताव लाने की बात कह रही है। इसी तरह एनसीपी नेता शरद पवार ने सीताराम येचुरी को कह दिया है कि वे महाभियोग लाने के पक्ष में नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक द्रमुक भी इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है।
लोया के मुद्दे को उठाकर अमित शाह पर साधा जाएगा निशाना
कांग्रेस संसद के बजट सत्र में जस्टिस लोया की मौत का मामला जोर-शोर से उठाएगी। माना जा रहा है कि इस मुद्दे को उठाकर पार्टी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधेगी। बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले की सुनवाई सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया कर रहे थे। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य अधिकारियों का नाम जुड़ा है।