कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ( Pratap Singh Bajwa) ने सीएम अमरिंदर ( CM Amrinder ) और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ( Sunil Jakhar ) को उनके पदों से हटाने की मांग की। ऐसा न होने पर कांग्रेस का पंजाब ( Punjab ) में वही हाल होगा जो पूर्व सीएम सिद्धार्थ शंकर राय ( Former CM Siddharth Shankar Rai ) के बाद पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) पार्टी का हुआ। दो दिन पहले
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और राजस्थान कांग्रेस में असंतोष का गुबार फूटने के बाद अब पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ( CM Amrinder Singh ) के खिलाफ कांग्रेस ( Congress ) के दो राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ( Pratap Singh Bajwa ) तथा शमशेर सिंह ढुलो ( Shamsher Singh Dhulo ) ने मोर्चा खोल दिया है। प्रताप सिंह बाजवा ने मोर्चा संभालते हुए साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर पंजाब में कांग्रेस को बचाना है तो सीएम अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ( Sunil Jakhar ) को उनके पदों से हटाना होगा।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ( Pratap Singh Bajwa ) ने कहा कि अगर पार्टी आलाकमान ऐसा निर्णय नहीं लेता है तो कांग्रेस का पंजाब ( Punjab Congress ) में वही हाल होगा जो पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय के बाद पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) में कांग्रेस का हुआ।
पंजाब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाजवा ने कहा कि जहरीली शराब कांड ( Poisonous liquor scandal ) में 113 लोगों की जान चली गई। हमने लोगों की आवाज उठाई है। हम कांग्रेस और पंजाब की भलाई के लिए ऐसा कर रहे हैं। इस कांड की वजह से पंजाब सरकार ( Punjab Government ) की बहुत बदनामी हो रही है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हम नशे को खत्म करने के वादे के साथ सत्ता में आए थे। लेकिन अब तक क्या कार्रवाई की गई? इस बारे में हमने आलाकमान को भी अवगत कराया लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। बाजवा ने कहा कि अगर पार्टी मुझे और ढुलो को बाहर करती है तो यह शरीर से दिल निकालने की तरह होगा।
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से कार्रवाई की स्थिति में उनका अगला कदम क्या होगा तो बाजवा ने कहा कि जब ऐसा होगा तो उस वक्त कोई बात करूंगा। मैं हमेशा से कांग्रेसी हूं। मेरे परिवार का बलिदान का इतिहास है। राहुल गांधी मेरे नेता हैं। मैं आज भी राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) का करीबी हूं।
कांग्रेस की पंजाब प्रभारी आशा कुमारी ने इस विवाद के बारे में पूछे जाने पर कहा कि बाजवा और ढुलो सांसद हैं। कांग्रेस में एक संवैधानिक व्यवस्था है। इनके संदर्भ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद एके एंटनी ( AK Antony ) की अगुआई वाली समिति कोई निर्णय करेगी।
दूसरी तरफ अमरिंदर सिंह के समर्थक कैबिनेट मंत्रियों ( Cabinet Ministers ) ने गुरुवार को जहरीली शराब मामले में राज्य सरकार की आलोचना को लेकर बाजवा तथा ढुलो को तत्काल कांग्रेस से निष्कासित करने की मांग की थी। उसके बाद कांग्रेस के दोनों राज्यसभा सांसदों ने अमरिंदर सिंह और जाखड़ के खिलाफ नया मोर्चा खोला है।
दरअसल, कैबिनेट मंत्रियों की मांग पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सुनील जाखड़ ने पिछले दिनों कहा था कि वह पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखेंगे कि बाजवा और ढुलो के खिलाफ अनुशासनहीनता ( Indiscipline ) को लेकर सख्त कार्रवाई की जाए।