पीएम मोदी एक देश एक चुनाव की वकालत लंबे समय से करते आए हैं और यह मुद्दा अब जोर पकड़ने लगा है।
नई दिल्ली। एक देश एक चुनाव को लेकर यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की अगुवाई वाली सात सदस्यीय समिति ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में इस फार्मूले पर साल 2024 से अमल करने को कहा गया है। एक देश एक चुनाव पर अमल के लिए योगी सरकार ने एक फार्मूला तैयार कराया है जो पीएम मोदी को भी पसंद आएगा। आपको बता दें कि इस दिशा में चुनाव आयोग तथा विधि आयोग ने अपने स्तर पर काम शुरू कर दिया है।
2024 में एक साथ चुनाव की बात
सिद्धार्थ नाथ सिंह की अगुवाई वाली समिति ने एक देश एक चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को पेश किए गए रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि अगला आम चुनाव दो चरणों में सभी राज्यों और देश में कराया जाएं। यह सुझाव 2019 में होने वाले आम चुनाव की जगह 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर है। इस रिपोर्ट को पीएम मोदी की सोच के अनुरूप ही तैयार कराया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह सारी कवायद के जरिए 'एक देश एक चुनाव' की धारणा पर अपनी रजामंदी जताने की कोशिश की है।
चुनाव और विधि आयोग भी तैयार
आपको बता दें कि पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने भाजपा और अपने काडर से इस बात पर विमर्श खड़ा करने को कहा था कि देश में एक साथ चुनाव कराए जाने चाहिए या नहीं। एक साथ चुनाव कराने का आशय लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का विचार है। पिछले साल अक्टूबर में मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा था कि चुनाव आयोग सितंबर, 2018 तक संसाधनों के स्तर एक साथ चुनाव कराने में सक्षम हो जाएगा। लेकिन ये सरकार पर है कि वो इस बारे में फैसला ले और अन्य कानूनी सुधारों को लागू करे। विधि आयोग ने भी एक देश एक चुनाव को लेकर संविधान, कानून और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ सदस्यों से सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा कर रहा है। उसने इससे संबंधित कानूनी, संवैधानिक और व्यावहारिक संभावनाओं और उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बजट सत्र में अपने अभिभाषण के दौरान एक देश एक चुनाव की वकालत की थी।