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राष्ट्रपति ने कहा- बदल रही है दुनिया, पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव की जरूरत

राष्ट्रपति कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी ने 49वें राज्यपालों और उप-राज्यपालों के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित किया।
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 4 Jun 2018, 6:56 PM IST

Rashtrapati Bhawan

राष्ट्रपति ने कहा- बदल रही है दुनिया, पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव की जरूरत

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में 49वें राज्यपालों और उप-राज्यपालों के वार्षिक सम्मेलन की शुरूआत हो गई है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामनाथ कोविंद ने तेजी से बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में शिक्षा की महत्व को बरकरार रखने के लिए समय-समय पर पाठ्यक्रमों में बदलाव और सुधार करते रहने की आवश्यकता बताई है। तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आदिवासी वर्ग के विकास के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें सरकार की हर पहल का पूरा लाभ मिले।

राज्यपालों से राष्ट्रपति की अपील
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि भारत, विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। इन युवाओं के जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना करने तथा उन्हें उचित शिक्षा के लिए प्रेरित करने में आप सही अर्थों में उनके अभिभावक हैं। आप उन्हे ऐसा चरित्र विकसित करने की प्रेरणा दे सकते हैं, जिसके बल पर वे भारतीय मूल्यों के प्रति संवेदनशील बने रहें।

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अनुसूचित जनजातियों का रखना होगा ख्याल
राज्यपालों को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि हमारे देश में अनुसूचित जनजातियों की लगभग 10 करोड़ की आबादी का एक बड़ा हिस्सा, भारतीय संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में रहता है। विकास में पीछे रह गए इन लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में आप सभी को बहुत कुछ करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि इस साल के सम्मेलन का एजेंडा तय करते समय इस बात ध्यान रखा गया था कि विकास की यात्रा में पीछे रह गये देशवासियों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की पूरी जानकारी सभी राज्यपालों और उपराज्यपालों को मिले तथा उन पर विस्तार से चर्चा हो।

सरकारी योजना का आदिवासियों को मिले लाभ
पीएम मोदी ने भी राष्ट्रपति की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदाय ने अहम भूमिका निभाई है। इनको पहचान मिलनी चाहिए। राज्यपाल और उपराज्यपाल को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आदिवासी समुदाय के लोगों को शिक्षा, खेल और सरकार द्वारा चलाई जा रही वित्तिय योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ मिले।