राजनीति

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा तंज बोले- चाचा शिवपाल से इतना प्यार तो अपनी कुर्सी क्यों नहीं दे देते ?

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश लीडर नहीं लोडर हैं। शिवपाल सिंह यादव वह खुद ही आगे बढ़ना नहीं देखना चाहते हैं।
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Updated: 20 Sep 2022, 1:24 PM IST
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सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर

लखनऊ : विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे आने के बाद भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी ने सपा से अपना गठबंधन तोड़ लिया । गठबंधन तोड़ने के बाद से ही सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोल रहे हैं।

ओम प्रकाश राजभर ने कल यानी सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से इतना प्यार ही है तो क्यों नहीं वह अपनी कुर्सी दे देते हैं?

इसके आगे राजराभर ने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि वह एक लीडर नहीं लोडर नेता हैं। अखिलेश खुद ही शिवपाल सिंह यादव को आगे नहीं बढ़ाना चाहते । अखिलेश को जनता ने खुद ही पैदल कर दिया है तो अब वह करेंगे ही क्या ?

अखिलेश ने चाचा शिवपाल के लिए सदन में मांगी थी आगे की सीट
दरअसल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मानसून सत्र शुरु होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से आगे की सीट मांगी थी। उन्होंने पत्र लिखकर विधानसभा अध्यक्ष से कहा था कि शिवपाल सिंह यादव को सदन में आगे की सीट दी जाएगी ।

सपा प्रवक्ता का कहना था कि कोई राजनीतिक कारण शिवपाल के लिए अखिलेश ने आगे की सीट नहीं मांगी है । वह सदन में वरिष्ठ नेता है इसलिए उन्हें आगे की सीट मिलना चाहिए।

जसवंतनगर से सपा विधायक और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पलटवार करते हुए कहा था कि अगर सदन में हमें आगे की सीट मिलनी होती तो पहले ही मिल जाती। मेरी सीट जहां है,वहीं पर बैठूंगा ।

सपा को सदन में आगे की दो सीट है मिली
विधानसभा अध्यक्ष ने अखिलेश के शिवपाल सिंह यादव को आगे सीट देने पर कहा कि सपा को सदन में आगे की दो सीट मिली हैं। अब अखिलेश यादव को तय करना होगा कि आगे कौन बैठेगा । अखिलेश यादव चाहे तो शिवपाल को आगे की सीट दें सकते हैं।

राजभर बयान देने वाले लोकल नेता हैं : मनोज पांडेय
वहीं दूसरी तरफ सपा मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने भी राजभर के वार का पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 'राजभर हर 3 घंटे पर बयान बदलने वाले लोकल नेता हैं। वह सुबह कुछ बोलते हैं और शाम को कुछ और । उनकी बात को अब कोई सिरियस नहीं लेता है। वह अपनी ही बात पर कायम नहीं रह पाते हैं।

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20 Sep 2022, 1:24 PM IST
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