राजनीति

विपक्ष के निशाने पर आए प्रफुल पटेल, लक्षद्वीप को दूसरा कश्मीर बनाने का आरोप

वास्तव में लक्षद्वीप के लिए लाई गई नीतियां कारण बन रही है जिसका विरोध राजनीतिक पार्टियों से लेकर समाज के लोग भी कर रहे हैं। इन नीतियों में बीफ पर बैन गुंडा एक्ट आदि कई बातें शामिल हैं।
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Updated: 25 May 2021, 9:44 AM IST
Opposition attack Praful Patel, accuse making Lakshadweep 2nd Kashmir
Opposition attack Praful Patel, accuse making Lakshadweep 2nd Kashmir

लक्षद्वीप। लक्षद्वीप के एडमिनिस्ट्रेटर प्रफुल पटेल का इन दिनों जमकर विरोध हो रहा है। विपक्ष ने तो यहां तक आरोप लगा दिया है कि अपने फैसलों से प्रफुल पटेल लक्षद्वीप को दूसरा कश्मीर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके पीछे कई कारण भी बताए जा रहे हैं। वास्तव में लक्षद्वीप के लिए लाई गई नीतियां कारण बन रही है जिसका विरोध राजनीतिक पार्टियों से लेकर समाज के लोग भी कर रहे हैं। इन नीतियों में बीफ पर बैन गुंडा एक्ट आदि कई बातें शामिल हैं। प्रफुल पटेल ने बीते साल दिसंबर में लक्षद्वीप के प्रशासक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद से उन्होंने कुछ मसौदे तैयार किए हैं। आइए आपको भी बताते हैं।

आखिर क्या हैं वो नीतियां
- एनिमल प्रिजर्वेशन रेग्युलेशन, लक्षद्वीप प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज रेग्युलेशन, लक्षद्वीप डेवलपमेंट अथॉरिटी और लक्षद्वीप पंचायट स्टाफ रूल्स में संशोधन शामिल है।
- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लक्षद्वीप डेवलपमेंट अथॉरिटी को लेकर बवाल ज्यादा हो रहा है।
- सांसद मोहम्मद फैजल इसे लोगों की जमीन हड़पने हथियाने की कोशिश बताई है।
- नई नीति के कारण अथॉरिटी को मालिकों के हितों की सुरक्षा किए बगैर जमीन पर कब्जा करने की ताकत मिलेगी।
- सांसद के अनुसार यहां सड़कों को नेशनल हाईवे मानकों के हिसाब से तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
- 90 फीसदी आबादी मुस्लिम होने के कारण बीफ बैन से तनाव बढ़ गया है।
- देश में सबसे कम अपराधरिक मामले होने के बाद भी प्रदेया में गुंडा एक्ट का विरोध हो रहा है।
- सबसे कम जन्म दर होने के बावजूद दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों को पंचायत चुनाव लडऩे पर प्रतिबंध का विरोध हो रहा है।
- कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लक्षद्वीप में कहीं भी किसी भी रूप में बीफ या बीफ उत्पादों की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन नहीं करेगा।

क्या कहते हैं प्रफुल पटेल
वहीं दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट में प्रफुल पटेल की ओर से अपना पक्ष रखा गया है। पटेल का कहना है कि लक्षद्वीप में आजादी के बाद 70 साल भी कोई विकास नहीं हुआ है। प्रशासन केवल इसका विकास करने की कोशिश कर रहा है। सांसद का आरोप है कि पटेल ने बगैर विचार विमर्श के ये ड्राफ्ट तैयार किया है। वहीं प्रशासक का कहना है कि स्थानीय सांसद ने अपने विरोध को लेकर उनके साथ कोई चर्चा नहीं की है।

Updated on:
25 May 2021, 9:44 AM IST
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