
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में अपने जीत की दावेदारी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने ‘NYAY’ योजना का ऐलान किया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में इस योजना का ऐलान किया। घोषणा के बाद से स्कीम को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं के बीच पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बुधवार को मीडिया के सामने आकर इस योजना को लागू करने की ABCD समझाया।
काफी विचार-विमर्श के बाद लिया फैसला
पूर्व वित्त मंत्री के मुताबिक इस योजना के ऐलान से पहले हमने काफी विचार-विमर्श किया है और ऐसे में इसे लागू करने में किसी तरह की मुश्किल नहीं आएगी। चिदंबरम ने कहा, 'हमारा लक्ष्य देश की 20 फीसदी गरीब जनता को इस योजना के तहत फायदा पहुंचाना है। 5 करोड़ परिवारों को इस योजना का लाभ मिलना है, ऐसे में अगर 5 व्यक्ति प्रति परिवार के हिसाब से देखा जाए तो इस योजना के तहत करीब 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए हर स्तर पर विचार किया गया है। योजना के अनुसार हर महीने एक परिवार को 6000 रुपये प्रति महीना या 72000 रुपये सालाना दिया जाएगा।
स्कीम लागू होने पर कितना भार पड़ेगा जीडीपी पर?
चिदंबरम ने यह भी बताया कि ऐलान से पहले योजना पर कई अर्थशास्त्रियों से भी सलाह और सहमति ली गई। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि देश की जीडीपी लगातार बढ़ रही है। अगले पांच साल में इसके दोगुने होने की संभावना है। इस तरह देखा जाए तो यह स्कीम पूरी की जा सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2019 से 2024 के तक भारत की जीडीपी 200 लाख करोड़ से बढ़कर 400 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगी। पूर्व वित्त मंत्री के मुताबिक NYAY स्कीम लागू करने के बाद से भारत की जीडीपी का डेढ़ फीसदी खर्च आएगा। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना का ऐलान किया था। उस वक्त कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि स्कीम गरीबी को खत्म करने के लिए आखिरी वार की तरह है।