चुनाव आयोग की टीम राज्य में भारी मात्रा में कैश की आवाजाही की जांच कर रही है, जिस वजह से लोगों को शादियों की तैयारिों में दिक्कत आ रही है।
बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में पुलिस प्रशासन सुरक्षा के लिहाज से काफी मुस्तैद है। खुद चुनाव आयोग भी हालातों पर पैनी नजर बनाए हुए है। हालांकि चुनाव आयोग की सख्ती को देखते हुए राज्य के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव की गहमागहमी को देखते हुए चुनाव आयोग आचार संहिता के उल्लंघन पर खास ध्यान दे रहा है। इस बीच राज्य में शादी की तैयारियों में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चुनाव आयोग की सख्ती का शादियों पर पड़ रहा है असर
चुनाव आयोग की टीम जगह-जगह नकदी, सामान की आवाजाही की जांच कर रही है। पुलिस प्रशासन ने भी जगह-जगह पर चेकपोस्ट बनाई हुई हैं, जिसकी वजह से लोगों को दिक्कते हो रही हैं। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग राज्य में भारी मात्रा में कैश की आवाजाही पर रोक लगाने की कोशिशों में जुटा है, ताकि चुनाव के मद्देनजर वोटरों को रिझाने की कोशिश ना हो। चुनाव आयोग के इस एक्शन का असर उन लोगों पर भी पड़ रहा है जो शादियों की तैयारियों में लगे हैं।
50 हजार रुपए से ज्यादा नहीं ले जा सकते एक साथ
रिपोर्ट के मुताबिक, बागलकोट जिले के कामतगी इलाके के एक शख्स कुछ इसी तरह की दिक्कत का सामना कर रहे हैं, जिनके घर में शादी है और वो शादी की तैयारियों में जुटे हैं। यहां दूल्हे के एक पिता ने बताया है कि किसी एक गाड़ी में 50,000 रुपये से ज्यादा का सामान भी नहीं ले जाने दिया जा रहा है। उन्होंने अपनी होने वाली बहू के परिवार को उपहार में देने के लिए सिल्क की साड़ियां खरीदी थीं, लेकिन वे इतनी महंगी थीं कि नियम के मुताबिक वो एक गाड़ी में तीन साड़ी से ज्यादा नहीं ले जा सकते। यही नहीं चुनाव आयोग की जांच टीम इन साड़ियों का बिल भी मांगती है।
हर काम का बिल मांगती है चुनाव आयोग की टीम
शादी वाले घरों में सिर्फ इतनी समस्या नहीं है। आलम यहां तक है कि वेडिंग हॉल की बुकिंग, कितने गेस्ट होंगे, किस तरह का खाना सर्व किया जाएगा, सब पर एक तरह का अंकुश लगा हुआ है, क्योंकि चुनाव आयोग की टीम इन सबके लिए बिल मांगती है। बागलकोट के इस केस की तरह खानापुर से भी ऐसा एक मामला सामने आया है। खानापुर में एक लड़की के पिता ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में वो शादी कैसे करें, क्योंकि अपने रिश्तेदारों के लिए लाने वाले छोटे-छोटे से गिफ्ट की भी जांच की जा रही है। तमाम परेशान लोग स्थानीय प्रत्याशी से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
लोगों को खुद के पैसे जब्त हो जाने का सता रहा है डर
आपको बता दें कि कर्नाटक में अक्सर लोग शादियों में जमकर खर्च करते हैं। ऐसे में कैश की आवाजाही पर जो चुनाव आयोग की टीम जांच की तलवार चला रही है, उससे लोगों को शादियों में करने वाले खर्च पर पाबंदी लगानी पड़ी रही है। इसलिए उसकी तैयारी में उन्हें भारी नकदी को लेकर शॉपिंग करने या कहीं और जाना होता है। ऐसे लोग चुनाव आयोग के चेक पोस्ट से डर रहे हैं। बहुत से लोगों के पास नकदी पैसे का हिसाब नहीं होता, इसलिए उन्हें डर है कि उनका पैसा तो जब्त हो ही जाएगा, उलटे उन्हें इनकम टैक्स की जांच का अलग से सामना करना होगा।
चुनाव आयोग ने मदद के लिए राज्य में अर्द्धसैनिक बल बुलाए हैं और राज्य पुलिस से जगह-जगह चौकियां बनाने को कहा है ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश और राजनीतिक दलों द्वारा नकदी की अवैध आवाजाही पर अंकुश लग सके।