
बंगाल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (Photo-IANS)
Bengal Voting: पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र का बड़ा दिन है। प्रदेश में पहले चरण में 151 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी (BJP) उसे कड़ी टक्कर देते हुए सत्ता से बाहर करने की रणनीति में जुटी है।
मतदान से पहले के आखिरी 48 घंटों में बंगाल का सियासी पारा काफी चढ़ा रहा। दोनों दलों ने जोरदार रैलियां कीं और एक-दूसरे पर तीखे हमले बोले। पहले चरण का चुनाव दोनों ही दलों के लिए अहम है, क्योंकि इस चरण से ही सत्ता की चाबी मिलने के संकेत है।
प्रदेश की 152 सीटों पर पहले चरण के लिए हो रहा मतदान काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में इन सीटों पर टीएमसी ने अच्छा प्रदर्शन किया था और एक बार फिर सरकार बनाई थी। 2021 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 152 सीटों में से 59 सीटें थी। हालांकि दूसरे चरण की 142 सीटों में से महज 18 पर ही जीत हासिल की थी।
बीजेपी के लिए पहले चरण में बढ़त बनानी जरूरी है, यदि इस चरण में बीजेपी कमजोर पड़ गई तो दूसरे चरण में और मुश्किलें होगी।
पहले चरण में मुस्लिम बहुल आबादी वाले जिलों पर भी सबकी नजर टिकी हुई है। जिसमें मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर भी शामिल है। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर भी अलग पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में अपनी किस्मत अजमा रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने तीन जिलों की 43 सीटों में से 35 सीटें जीती थी, जबकि बीजेपी को महज 8 सीटें मिली। हालांकि इस बार हुमायूं कबीर के चुनावी मैदान में उतरने से मुस्लिम इलाकों में समीकरण बदल गए है। वहीं इस बार बीजेपी ने हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण पर जोर दिया है, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी को चुनौती दी जा सके।
पहले चरण में कई बड़े दिग्गजों की किस्मत इवीएम में कैद हो जाएगी, जिसमें सीएम ममता बनर्जी और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी भी शामिल है। पहले चरण में इन सीटों पर सबकी नजर रहेगी…
Updated on:
23 Apr 2026 07:41 am
Published on:
23 Apr 2026 07:25 am
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