
नई दिल्ली। किसानों के ठाणे से मुंबई मार्च को लेकर देवेंद्र फडणवीस की सरकार आठ माह पहले वाली भूल नहीं दोहराना चाहती है। सरकार और किसानों के बीच टकराव को टालने के लिए सीएम फडणवीस ने किसानों से मिलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कृषि मंत्री गिरीश महाजन को किसानों को बातचीत के लिए राजी करने को आजाद मैदान भेजा था। किसान सीएम से बातचीत कर भ्रम को दूर करने के लिए राजी हो गए हैं। थोड़ी बाद उनकी किसानों से मुलाकात हो सकती है। महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से मुंबई के आजाद मैदान में आए किसानों का प्रतिनिधिमंडल राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने के लिए निकल चुके हैं। प्रतिनिधिमंडल के साथ महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन भी मौजूद हैं।
धरने पर बैठने की जरूरत नहीं
गिरीश महाजन ने कहा है कि आदिवासी जमीन को लेकर किसानों के बीच कुछ गलतफहमी है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि अब किसानों को धरने पर बैठने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों कई कदम उठाए हैं। लेकिन विरोधी दलों के नेताओं ने किसानों में गलतफहमी पैदा कर टकराव पैदा करने की कोशिश की है। महाजन ने कहा कि सरकार किसान हितों को लेकर प्रतिबद्ध है। सीएम किसानों से मिलकर न केवल उनकी गलतफहमियों को दूर करेंगे, बल्कि उनकी मांगों पर विचार भी करेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र के किसान एक बार फिर से अपनी मांगों को लेकर दो दिवसीय प्रदर्शन के तहत गुरुवार सबुह 11 बजे के करीब ठाणे से मुंबई के आजाद मैदान पहुंच गए थे।
आजाद मैदान पहुंचे किसान
इससे पहले प्रदेश के हजारों किसान और आदिवासी लोक संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए सुबह साढ़े चार बजे चूनाभट्टी के सोमैया मैदान से मुंबई के आजाद मैदान के लिए रवाना हो गए थे। लोक संघर्ष मोर्चा की अगुवाई में किसान पहले दादर पहुंचे और फिर आजाद मैदान पहुंचे। अपनी मांगों को लेकर किसानों ने बुधवार को ठाणे में प्रदर्शन शुरू किया था। समाजवाजी पार्टी के नेता अबू आजमी और विपक्ष के नेता आर विखे पाटिल भी आजाद मैदान किसानों के समर्थन में आजाद मैदान पहुंच चुके हैं। मंत्री गिरीश महाजन भी वहां पहुंचे।