
नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों को देखते हुए जहां राजनैतिक पार्टियां गठजोड़ में लगी हुई हैं वहीं एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इस बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने महागठबंधन को 'नापाक गठबंधन' करार दिया। पीएम मोदी ने भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं से वीडियो संबोधन के जरिए कहा कि लोग ‘धनाढ्य वंशों के एक बेतुके गठबंधन' को देखेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महागठबंधन के प्रमुख घटक - तेलुगू देशम पार्टी का गठन दिग्गज दिवंगत मुख्यमंत्री एनटी रामाराव ने कांग्रेस की मनमानियों के खिलाफ किया गया था, लेकिन पार्टी अब कांग्रेस के साथ हाथ मिलाना चाहती है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि महागठबंधन में कुछ दलों ने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया से प्रेरित होने का दावा किया है लेकिन लोहिया खुद कांग्रेस की विचाराधारा के खिलाफ थे।
आगे पीएम मोदी ने कहा कि, 'आज कई लोग महागठबंधन की बात कर रहे हैं। गठबंधन निजी वजूद को बचाने के लिए है और विचारधारा-आधारित समर्थन नहीं है। गठबंधन सत्ता के लिए है, जनता के लिए नहीं। यह गठबंधन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए है, लोगों की आकांक्षाओं के लिए नहीं'
पीएम मोदी ने जमकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के कई नेताओं को आपातकाल के दौरान गिरफ्तार तथा प्रताड़ित किया गया। पीएम मोदी का कहना है कि कांग्रेस के ''पारिस्थितिकी तंत्र से किसी को नहीं बख्शा। उन्होंने दिवंगत मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन की अन्नाद्रमुक सरकार की 1980 में की गई बर्खास्तगी का भी हवाला दिया, जबकि रामचंद्रन को लोगों का समर्थन प्राप्त था।
अमीर राजवंशों का क्लब है महागठबंधन
पीएम मोदी ने महागठबंधन के बारे में कहा, " सच्चाई यह है कि यह तथाकथित महागठबंधन अमीर राजवंशों का एक क्लब है। वे केवल पारिवारिक शासन का वादा करते हैं। लोग उनके अवसरवाद को देख सकते हैं और जनता इस तरह के बेतुके गठबंधन को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। भारत लोकतंत्र चाहता है, गठबंधन वंशवाद चाहता है। भारत सभी के लिए विकास चाहता है, गठबंधन केवल अपने परिवारों के लिए विकास चाहता है।