जब से मोदी पीएम बने हैं तब से लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रदर्शन खराब रहा है।
नई दिल्ली। पिछले चार सालों में किसी भी पार्टी के मुकाबले लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटों पर जीत मिली है। दूसरे नंबर पर भाजपा और उसके बाद टीएमसी की बारी आती है। यानी उपचुनाव में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली पार्टी कांग्रेस है। मोदी के पीएम बनने के बाद से अब तक 23 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए और भाजपा के केवल चार सीटों में जीत दर्ज करने में सफल हुई। और अब देश के 11 राज्यों में चार लोकसभा और दस विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के बाद जारी मतगणना के रुझानों से साफ है कि कमोबेश इस बार भी भाजपा का हाल पहले वाला ही है। इस बार चार लोकसभा सीटों में से एक पर ही भाजपा के पक्ष में परिणाम आने की उम्मीद है।
योगी और मौर्य के गढ़ में भी हार
इस साल मार्च में उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की इलाहाबाद में फुलपुर सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा को बिहार के अररिया में लोकसभा के उपचुनाव में भी हार झेलनी पड़ी थी। इस सीट पर आरजेडी को जीत मिली। लालू प्रसाद के जेल में होते हुए भी तेजस्वी यादव अपना दमखम दिखाने में सफल हुए। 2014 के बाद से लेकर अब तक कांग्रेस को उपचुनाव में 5 लोकसभा सीटों पर जीत मिली है। इन पांच सीटों में से कांग्रेस ने अमृतसर लोकसभा सीट को बरकरार रखा और बाकी भाजपा की चार सीटों पर सेंध लगाने में सफल हुई।
23 में से 10 पर था भाजपा का कब्जा
2014 से जिन 23 सीटों पर लोकसभा के उपचुनाव हुए हैं, इनमें से 10 सीटों पर पहले से ही भाजपा का कब्जा था। इनमें से भाजपा को 4 में जीत मिली और छह में हार का सामना करना पड़ा। इनमें से दो सीटों पर भाजपा को 2014 में जीत मिली थी जब नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक जनादेश मिला था। इसके बाद भाजपा को 2016 में 2 सीटों पर जीत मिली। साल 2015, 2017 और मार्च 2018 में बीजेपी को एक भी लोकसभा उपचुनाव में जीत नहीं मिली।