राजनीति

मन की बात: पीएम मोदी ने कहा, ‘हिमाचल के एक चाय वाले से मिली थी प्रेरणा’

जनवरी, 2015 में पहली बार पीएम मोदी ने देश के लोगों से मन की बात के तहत अपने विचार रखे थे। इस कार्यक्रम में पीएम अभी तक राष्‍ट्रीय महत्‍व के कई ज्‍वलंत मुद्दों को उठा चुके हैं।
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पीएम मोदी ने 50वीं बार मन की बात में कहा- हिमाचल के एक चाय वाले से मिली थी इसकी प्रेरणा

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज 50वीं बार मन की बात कार्यक्रम के तहत देश के लोगों को संबोधित कर रहे हैं। आज उन्‍होंने 1998 की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मैं भारतीय जनता पार्टी के संगठन के कार्यकर्ता के रूप में हिमाचल में काम करता था। मई का महीना था और मैं शाम के समय सफर करता हुआ किसी और स्थान पर जा रहा था। हिमाचल की पहाड़ियों में शाम को ठंड लगने पर एक ढाबे पर चाय के लिए रुका। जब मैं चाय के लिए ऑर्डर किया तो उसने अपने पास एक शीशे का बर्तन से लड्डू निकाला और बोला साहब चाय बाद में पहले लड्डू खाइए और मुंह मीठा कीजिए। हैरान होते हुए मैंने पूछा कि क्या बात है। घर में कोई शादी-वादी है क्‍या। उसने कहा साहब, रेडियो सुनिए। जब रेडिया सुनाओ तो पता चला उसकी ही चर्चा चल रही है। तब से मेरे मन में एक बात घर कर गई थी कि रेडियो जन-जन से जुड़ा हुआ है इसकी बहुत बड़ी ताकत है।

देश अटल रहेगा
उन्‍होंने कहा कि जब मन की बात शुरू किया था तभी मैंने तय किया था कि न इसमें राजनीति हो। न इसमें सरकार की वाह-वाही हो। न इसमें कहीं मोदी हो। ऐसा इसलिए कि इस बात की प्रेरणा मुझे आप लोगों से ही मिली है। उन्‍होंने कहा कि मोदी आएगा और चला जाएगा लेकिन यह देश अटल रहेगा। हमारी संस्कृति अमर रहेगी। 130 करोड़ देशवासियों की छोटी-छोटी यह कहानियां हमेशा जीवित रहेंगी। इस देश को नई प्रेरणा में उत्साह से नई ऊंचाइयों पर लेती जाती रहेंगी। पीएम ने कहा कि कभी-कभी मन की बात का मजाक भी उड़ता है लेकिन मेरे मन में हमेशा ही 130 करोड़ देशवासी बसे रहते हैं। उनका मन मेरा मन है। मन की बात सरकारी बात नहीं है। यह समाज की बात है। मन की बात महत्वाकांक्षी भारत की बात है।

खादी की बिक्री में 120 फीसद का इजाफा
आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी के रेडियो पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम मन की बात का आज पचासवा अंक आज है। अभी तक के अंकों में पीएम ने बालिका शिक्षा, प्रदूषण घटाने, नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। अक्टूबर, 2014 में प्रसारित इस कार्यक्रम के पहले अंक में मोदी ने नागरिकों से कहा था कि वे कम से कम खादी के एक उत्पाद का प्रयोग करें। गरीब बुनकरों की सहायता हो सके। बता दें कि शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार इस अंक के प्रसारण के बाद से खादी उत्पादों की बिक्री में 120 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों से आग्रह किया कि वे इस बारे में अभियान चलाएं। जनवरी 2015 के अंक में पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारतीय प्रधानमंत्री ने मिलकर लोगों को संबोधित किया।

Updated on:
25 Nov 2018 12:11 pm
Published on:
25 Nov 2018 12:02 pm