
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले 70 वर्षो के मुकाबले महज चार सालों में अधिक संख्या में एम्स की स्थापना का प्रस्ताव और अनुमोदन किया है। मोदी ने यहां एम्स में मुख्य भवन को ट्रॉमा सेंटर से जोड़ने वाली एक सुरंग का उद्घाटन किया। एक किलोमीटर लंबी सुरंग के जरिए एम्स, अंसारी नगर और ट्रॉमा सेंटर के बीच मरीजों और उनके संबंधियों, चिकित्सकों और दवाओं को ले जाने और ले आने में सुविधा होगी। मोदी ने कहा,"हम लोगों को कम खर्च में सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना चाहते हैं। उन्होंने एम्स में बुजुर्ग लोगों के लिए राष्ट्रीय केंद्र की आधारशिला रखी, जिसे 300 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत में डेढ़ साल में बनाया जाएगा। 200 बिस्तर की क्षमता वाला केंद्र बुजुर्गो को मल्टीकेयर स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करेगा। उन्होंने एम्स में 300 बिस्तर वाले पावरग्रिड विश्राम सदन का भी उद्घाटन किया। सफदरजंग अस्पताल में मोदी ने 555 बिस्तर वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और 500 बिस्तरों के आपातकालीन ब्लॉक का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा,"इसे तकनीकी रूप से एडवांस बनाने के लिए सफदरजंग अस्पताल पर 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं।"
पीएम मोदी ने किया ये दावा
पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने जनता के हितों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की है। मोदी ने कहा कि सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने को लेकर देश में काफी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र से लोगों को दवा खरीदने काफी बचत हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की तीन लोकसभा सीटों पर कम से कम एक मेडिकल कॉलेज हो, ऐसी हमारी कोशिश है। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने 13 नए एम्स बनाने का ऐलान किया था जिसमें से 8 का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश के दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाया जा रहा है।
बुजुर्ग मरीजों के लिए बनेगा अलग ब्लॉक
दरअसल भारत सरकार एम्स में बुजुर्गों के लिए अलग से ब्लॉक बनाना चाहती है। इस ब्लॉक में किसी भी तरह की बीमारी का इलाज किया जा सकेगा। इससे उन मरीजों को फायदा मिलेगा जिसकी हालत काफी नाजुक रहती है और उन्हें शिफ्ट करने में दिक्कत होती है। इस ब्लॉक में इलाज के सा https://twitter.com/ANI/status/101251622029640908थ ही इन पर रिसर्च भी हो सकेगा। बताया जा रहा है कि औपचारिक उद्घाटन के बाद अब यहां पर किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी भी अधिक हो सकेंगी। इससे किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।