राजनीति

आपातकाल के 43 साल: पीएम मोदी ने लगवाए ‘लोकतंत्र अमर रहे’ के नारे, अब हुए ट्रोल

पीएम मोदी ने सभा स्थल पर 'लोकतंत्र अमर रहे' के नारे लगाए और लोगों से लगवाए भी। जिसके बाद वो सोशल मीडिया पर ट्रोल गए हैं।
2 min read
Jun 26, 2018
modi
आपातकाल के 43 साल होने पर मोदी ने लगवाए 'लोकतंत्र अमर रहे' के नारे, अब हुए ट्रोल

नई दिल्ली। देश में आपातकाल के 43 साल पूरे होने पर भाजपा की ओर से '1975 आपातकाल: लोकतंत्र की अनिवार्यता- विकास मंत्र- लोकतंत्र' नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस सरकार और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को जमकर कोसा। भाषण के आखिरी में पीएम मोदी ने कुछ ऐसा किया जिससे वे सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए।

सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल
पीएम मोदी ने सभा स्थल पर 'लोकतंत्र अमर रहे' के नारे लगाए और लोगों से लगवाए भी। बता दें कि आमतौर पर 'अमर रहे' का नारा किसी की भी स्मृतियों को जिंदा रखने के लिए लगाया जाता है। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री द्वारा ये नारा दिए जाने के बाद विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया है।

'आज का दिन लोकतंत्र में सचेत रहने का दिन'

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कोई ये समझने की गलती ना करे कि हम सिर्फ देश में आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस सरकार की आलोचना करने के लिए काले दिन का स्मरण करते हैं। बल्कि ये दिन लोकतंत्र में सचेत रहने के लिए याद किया जाता है। मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता सुख के मोह में इमरजेंसी के दौरान देश को जेलखाना बनाया गया। आपातकाल के दौरान न्यायपालिका को भी भयभीत किया। उस वक्त परिवार के लिए समर्पित लोगों की पांचों उंगलियां घी में थीं।

'संविधान कमजोर नहीं हो सकता'

मोदी ने कहा कि हमें अपने लोकतांत्रिक लोकाचार को मजबूत करने के लिए निरतंर काम करन होगा। लेखन, बहस, चर्चा और सवाल हमारे लोकतंत्र के महत्वपूर्ण पहलू हैं जिन पर हमें गर्व है। कोई भी ताकत हमारे संविधान के बुनियादी सिद्धांतों को कमजोर नहीं कर सकती।

आपातकाल कभी भूल नहीं सकते: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1975-77 का आपातकाल 'काला दौर' था, जिसे देश कभी भूल नहीं सकता। मोदी ने लेखन, बहस, विचार-विमर्श और सवालों के जरिए लोकतंत्र को मजबूत बनाने का आह्रान किया। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भारत आपातकाल को काले दौर के रूप में याद करता है, जिसके दौरान हर संस्थान को नष्ट कर दिया गया और डर का माहौल पैदा किया गया। सिर्फ लोगों को ही नहीं बल्कि विचारों और कलात्मक स्वतंत्रता पर भी बंदिश लगाई गई। मोदी ने 25 जून, 1975 को लगाए गए आपातकाल का दृढ़ता से विरोध करने वाले नागरिकों के जज्बे को सराहा। उन्होंने कहा, कि मैं उन सभी महान महिलाओं और पुरुषों के साहस को सलाम करता हूं जिन्होंने 43 साल पहले लगाए गए आपातकाल का दृढ़ता से विरोध किया था।

Published on:
26 Jun 2018 04:17 pm