कर्नाटक विधानसभा चुनाव में फर्जी पहचान पत्रों की शिकायत के चलते चुनाव आयोग ने आरआर सीट से चुनाव को टाल दिया है।
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में फर्जी पहचान पत्रों की शिकायत के चलते चुनाव आयोग ने आरआर सीट से चुनाव को टाल दिया है। अब इस सीट पर 28 मई को चुनाव होगा और इसके लिए मतगणना 31 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग को इस सीट पर पैसा, उपहार और अन्य कीमती सामान बांटने की शिकायत मिली थी। बता दें कि कर्नाटक के राजराजेश्वरी नगर विधानसभा क्षेत्र के एक फ्लैट से 9,746 मतदाता परिचय-पत्र मिले थे। जिसके बाद चुनाव आयोग से इस मामले को लेकर शिकायत की गई थी। यह
बीजेपी ने लगाया यह आरोप
फर्जी पहचान पत्र मिलने के बाद बीजेपी ने को कांग्रेस पर 'व्यवधान' मुक्त और साफ-सुथरे चुनाव कराने के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था और बेंगलुरू के इस शहरी जिले में चुनाव स्थगित करने की मांग की थी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और कर्नाटक चुनाव के प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही पांच लैपटॉप, स्कैनर, लेमिनेशन मशीन और वोटर आईडी कार्ड को जला दिया गया था। इसके बाद भी वहां फार्म-6 की एक लाख प्रतियां बरामद हुईं थी। यह दिखाता है कि व्यवधान मुक्त और साफ-सुथरे चुनाव कराने के खिलाफ गहरी साजिश रची जा रही थी। कांग्रेस की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा था कि भाजपा कभी भी इस तरह के कामों में संलिप्त नहीं रही है।
लोकतंत्र के लिए बताया था खतरा
बीजेपी नेता कहा था कि यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। यह चुनाव का विनाश है। कांग्रेस ऐसा ही करती है। अगर वह वास्तविक मत नहीं पा सकती, तो फर्जी मतदाता तैया करती है..यही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राहुल गांधी का सिद्धांत है। मतदान निश्चय ही तत्काल स्थगित किया जाना चाहिए। भाजपा नेता ने दावा किया था कि राजराजेश्वरी विधानसभा सीट के जालाहल्ली क्षेत्र के फ्लैट को कभी भी किराये पर नहीं दिया गया था और यह कांग्रेस के स्थानीय विधायक एन. मुनिराथना से जुड़ी मंजुला ननजुंदमुरी का है। जावड़ेकर ने कहा था इस फ्लैट को कभी भी किराये पर नहीं दिया गया था। इसलिए उसे(मंजुला) भी गिरफ्तार करना चाहिए। साइबर अपराध विभाग और पुलिस द्वारा कॉल रिकार्ड्स और अन्य सबूतों की फारेंसिक जांच होनी चाहिए।