
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार थम गया है। वहीं प्रशासन ने मतदान को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। चुनाव में चौकसी के मद्देनजर पुलिस व्यवस्था मुस्तैद कर दी गई है। चुनाव सुरक्षा का जिम्मा उठा रही कर्नाटक पुलिस के अनुसार 'कानून औऱ व्यवस्था पूर्ण रूप से नियंत्रण में है। पुलिस के अनुसार राज्य में 20 प्रतिशत बूथों को संवेदनशीलता की श्रेणी में रखा गया है। जबकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 82,157 पुलिस के जवानों के अलावा सुरक्षाबलों की 585 कंपनी को लगाया गया है।
कौन है नीलमणि राजू
बता दें नीलमणि राजू 1983 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। कर्नाटक की पहली महिला डीजी और आईजीपी बनने का श्रेय भी नीलमणि राजू को ही जाता है। इससे पहले नीलमणि 23 साल तक केन्द्र सरकार के आईबी जैसे विभिन्न विभागों में अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। माना जाता है कि नीलमणि ने पुलिस डिपार्टमेंट को एक नई पहचान दी है। उत्तराखंड की रुड़की निवासी नीलमणि इससे पहले राज्य खुफिया विभाग की प्रमुख थीं।
नतीजों की घोषणा 15 मई को
चुनाव के नतीजों की घोषणा 15 मई को की जाएगी। कर्नाटक विधानसभा में 224 सीटें हैं। विधानसभा का कार्यकाल 28 मई को समाप्त हो रहा है। वर्तमान में कांग्रेस राज्य की सत्ता में है। कांग्रेस के पास 122 व भाजपा के पास 43 सीटें हैं। कर्नाटक में मतदान के लिए ईवीएम मशीनों के साथ वीवीपैट मशीनें भी लगाई जाएंगी। कर्नाटक के सभी 224 विधानसभा क्षेत्र में 56,696 मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ वीवीपैट लगाए गए। कंट्रोल यूनिट से प्राप्त नतीजों के सत्यापन के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदाता केंद्र से वीवीपैट पेपर स्लिप चुनकर गिने गए। ऐसा पहली बार हो रहा है कि सभी विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं द्वारा नियंत्रित एक मतदान केंद्र बनाए गया।, जहां पुलिस, सुरक्षाकर्मियों से लेकर सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी।
Published on:
11 May 2018 03:35 pm

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