राजनीति

नीतीश कुमार को प्रशांत किशोर की सलाह, पहले बिहार में सीटें तय करें तब चलेगा विपक्षी एकता का जादू

Prashant Kishor Advice चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने विपक्षी दलों की एकता को लेकर हुई बैठक में शामिल नेताओं को आइना दिखाते हुए कहा, नेताओं के आपस में बैठने और प्रेस कांफ्रेंस करने से विपक्षी एकता नहीं होती।
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Updated: 24 Jun 2023, 6:43 PM IST
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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर

विपक्षी दलों की एकता को लेकर हुई बैठक पर शनिवार को कटाक्ष करते हुए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि नेताओं के आपस में बैठने और प्रेस कांफ्रेंस करने से विपक्षी एकता नहीं होती। अगर ऐसा होता तो ये 10 साल पहले हो गई होती। प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने भी इस क्षेत्र में 8 से 10 साल तक काम किया है। प्रशांत किशोर ने सवाल उठाते हुए कहा कि बैठक में क्या पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कांग्रेस को कह दिया कि वो उन्हें पश्चिम बंगाल में लड़ने के लिए जगह दे देंगी। कांग्रेस ने भी नहीं कहा कि हम पश्चिम बंगाल छोड़ देंगे ममता बनर्जी के भरोसे।



तब दूसरे दल आपको गंभीरता से लेंगे

प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार जो विपक्षी एकता की बात कर रहे हैं, वे बिहार का ही फॉमूर्ला जारी कर दें कि कांग्रेस, राजद और जदयू कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी। महागठबंधन में बाकी अन्य जो सहयोगी दल हैं वो कितने सीट पर लड़ेगी। उन्होंने नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए कहा कि बिहार में आप फॉमूर्ला जारी कर देंगे तब दूसरे राज्यों में जाएंगे। तब जाकर दूसरे दल के लोग आपको गंभीरता से लेंगे।

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क्या नीतीश कुमार अपनी सीटें छोड़ देंगे

प्रशांत किशोर ने कहा कि भाकपा माले का स्ट्राइक रेट बिहार में जदयू से ज्यादा है। नीतीश कुमार की पार्टी 110 सीटों पर लड़कर 42 सीटें जीती। वहीं माले 17 सीटों पर लड़कर 12 जीती है। इस हिसाब से माले को ज्यादा लोकसभा की सीट मिलनी चाहिए। क्या नीतीश कुमार अपनी सीटें छोड़ देंगे।

अपने घर ठिकाना है नहीं और पूरी दुनिया में घूम रहे हैं तेजस्वी यादव

प्रशांत किशोर ने कहा कि बात तब बनेगी जब आप में त्याग करने की क्षमता हो। तेजस्वी यादव बोल रहे हैं यहां हम लोगों के लिए छोड़ दीजिए। अपने घर ठिकाना है नहीं और पूरी दुनिया में घूम रहे हैं।

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एकता के लिए जरूरी है विचारधारा के स्तर पर बात हो

प्रशांत किशोर ने कहा कि एकता सिर्फ आपस में बैठने से नहीं होती है। एकता के लिए जरूरी है कि विचारधारा के स्तर पर बात हो। नैरेटिव हो। चेहरा हो। आंदोलन हो और जमीन पर काम हो। तब जाकर एकता होगी।

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24 Jun 2023, 6:43 PM IST
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