
केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर साधा निशाना (Photo-IANS)
केरल कांग्रेस के एक्स पर सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत को लेकर किए गए पोस्ट पर बिना शर्त माफी मांगने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसको लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सोशल मीडिया रणनीति झूठ फैलाने पर आधारित है। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केरल कांग्रेस साल 2024 से ही सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक बातें फैलाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले यह काल्पनिक नैरेटिव खड़ा किया था कि यदि भाजपा को 400 सीटें मिलती हैं, तो संविधान बदल दिया जाएगा।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का सोशल मीडिया अकाउंट और पार्टी वही कर रहे हैं, जिसके लिए राहुल गांधी उन्हें प्रेरित करते हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस का उद्देश्य लोगों के बीच झूठ फैलाकर और उन्हें गुमराह करके वोट हासिल करना है।
बता दें कि 19 अक्टूबर को केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया था। जिसमें सीजेआई को लेकर लिखा- अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम किसी ऐसे व्यक्ति को आपकी जगह लाएंगे, जो इसे संभाल सके।
इसके बाद इस पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके कुछ ही घंटों बाद यह पोस्ट डिलीट कर दी। अब इस पोस्ट को लेकर केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से बिना शर्त माफी मांगी है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि संबंधित पोस्ट उसकी आधिकारिक मंजूरी के बिना प्रकाशित की गई थी और यह पार्टी नेतृत्व के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करती।
21 अक्टूबर को मिले कानूनी नोटिस के जवाब में केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने बताया कि यह पोस्ट विजय थोट्टाथिल ने पार्टी नेतृत्व की जानकारी, मंजूरी या परामर्श के बिना प्रकाशित की थी। उन्होंने कहा कि संबंधित पद से थोट्टाथिल को हटा दिया गया है और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया गया है।
कांग्रेस ने अपने जवाब में संविधान, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और मुख्य न्यायाधीश के संवैधानिक पद के प्रति सम्मान दोहराया। पार्टी ने कहा कि विवादित पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा न तो केपीसीसी की आधिकारिक नीति का हिस्सा थी और न ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिकृत रुख को दर्शाती थी।
कांग्रेस ने यह भी स्वीकार किया कि मुख्य न्यायाधीश से इस्तीफे की मांग करना और उनके स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त करने का सुझाव देना अनुचित था। पार्टी के अनुसार, इस तरह की टिप्पणी उसके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित नहीं होनी चाहिए थी।
Updated on:
29 Oct 2026, 5:55 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 5:14 PM IST
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