
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया। (फोटो-IANS)
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। पुलिस ने वीडियो में लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को मनगढ़ंत और जानबूझकर तैयार की गई कहानी बताया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में ऐसे किसी घटना के होने के सबूत नहीं मिले हैं, जिसका जिक्र वीडियो में किया गया है।
पुलिस ने गुरुवार को कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जा चुकी है। कुछ लोगों से एक से ज्यादा बार भी सवाल-जवाब किए गए हैं। जांच में अब तक सामने आए बयान और सबूत वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं करते हैं। हालांकि, पुलिस ने साफ किया कि मामले की जांच अभी जारी है।
बेंगलुरु पुलिस ने यह भी कहा कि कथित स्टिंग ऑपरेशन में सिद्धारमैया के खिलाफ यौन शोषण से जुड़े आरोप दिखाए गए थे। लेकिन जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों से इस तरह की किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने अपने बयान में कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि वीडियो में यौन शोषण के आरोपों को एक मनगढ़ंत और जानबूझकर बनाई गई कहानी के रूप में पेश किया गया है।
वीडियो में जिन लोगों का नाम लिया गया या जिनके बारे में आरोप लगाए गए, उनके संबंध में मिले बयान और सबूत भी आरोपों को गलत और झूठा बताते हैं।
सिद्धारमैया के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। इसके बाद उन्होंने वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने इस मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
वीडियो को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई थी। सिद्धारमैया ने इस कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर से कांग्रेस का टिकट पाने की कोशिश कर रहीं कृपा अल्वा का नाम लिया था।
वहीं, सिद्धारमैया के बेटे और मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने इस मामले के पीछे कांग्रेस के ही कुछ नेताओं का हाथ होने का आरोप लगाया था। इस तरह मामला पार्टी के भीतर भी राजनीतिक विवाद का कारण बन गया।
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की सोशल मीडिया टीम से जुड़े लोग भी शामिल थे।
केंद्रीय मंत्री और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एचडी कुमारस्वामी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पार्टी के निर्दोष कार्यकर्ताओं को फंसा रही है, जबकि कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे मौजूद मुख्य लोगों को बचाया जा रहा है।
Updated on:
29 Oct 2026, 5:47 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 5:47 PM IST
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