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‘शिक्षित मतदाता हमसे दूर हुए, आत्ममंथन करेंगे’, महाराष्ट्र में 5 में से 3 MLC सीटें हारने पर बोले फडणवीस के मंत्री

Maharashtra MLC Election Result 2026: महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में अधिकांश सीटें हारने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता व राज्य सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने सत्तारूढ़ महायुति में शामिल दलों से आत्ममंथन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, शिक्षित मतदाता हमसे दूर क्यों हो रहे हैं, इसका विश्लेषण जरूरी है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 29 Oct 2026, 4:05 PM IST

Maharashtra MLC Election Result

मंत्री छगन भुजबल और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS/File)

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की पांच सीटों के नतीजों ने राज्य की सत्ताधारी 'महायुति' सरकार के भीतर खलबली मचा दी है। विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) ने 23 अक्टूबर को हुए चुनाव में विधान परिषद की पांच में से तीन सीट जीत ली हैं। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन को दो सीट मिलीं। नागपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर भी भाजपा (BJP) को हार मिली है। इस नतीजे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता व कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल का बड़ा बयान सामने आया है। भुजबल ने चुनाव परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा कि महायुति और उनकी अपनी पार्टी को गंभीरता से विचार करना होगा कि आखिर कहां गलतियां हो रही हैं। शिक्षित मतदाता दूर कैसे हो गए? इसके लिए गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है।

'कहां गलती हो रही है, देखना होगा'

विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा, "जो परिणाम सामने आए हैं, वे हमारी महायुति सरकार और हमारी खुद की पार्टी (अजित पवार गुट) दोनों के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं। हमें इस बात पर गहराई से आत्ममंथन और विश्लेषण करना होगा कि आखिर हम कहां गलतियां कर रहे हैं और क्या हम उन्हें सुधार सकते हैं। इस चुनाव के मतदाता या तो स्नातक थे या शिक्षक, यानी वे शिक्षित और समाज में चल रहे घटनाक्रमों से पूरी तरह जागरूक लोग हैं। इस वर्ग का आम जनता पर भी गहरा प्रभाव होता है। हमें यह समझना होगा कि आखिर ऐसा जागरूक मतदाता वर्ग हमसे दूर क्यों जा रहा है।"

नागपुर में भाजपा को लगा बड़ा झटका

महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराया। मंगलवार सुबह शुरू हुई मतगणना गुरुवार तड़के समाप्त हुई। 40 घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना के बाद वंजारी को विजेता घोषित किया गया।

अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि सुधाकर कोहले को 63,960 मत हासिल हुए। इस जीत के साथ वंजारी ने अपनी एमएलसी सीट बरकरार रखी।

नागपुर को भाजपा का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर भी है। दोनों नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था। इसके बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

गडकरी जुलाई 1990 से मई 2014 तक करीब 24 वर्षों तक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य रहे थे। इसके अलावा नागपुर में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय भी है। ऐसे में इस सीट पर कांग्रेस की जीत को भाजपा के लिए बड़े सियासी झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

विधान परिषद की पांच सीटों में MVA को तीन, महायुति को दो

महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के परिणामों में एमवीए ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महायुति को दो सीटें मिलीं।

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी विजयी हुए। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के कौस्तुभ गावडे ने जीत हासिल की, जबकि अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के किरण सरनाईक विजयी रहे।

पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव ने भाजपा की स्मिता जाधव को हराया। वहीं, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी शरद पवार गुट के प्रतापसिंह पाटील ने जीत दर्ज की।

इस तरह भाजपा और शिंदे की शिवसेना को एक-एक सीट मिली, जबकि कांग्रेस और शरद पवार गुट ने मिलकर तीन सीटें जीतीं।

एमवीए अपनी सीटें बचाने में रही सफल!

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने पुणे स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की। पार्टी के लिए यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विभाजन से पहले इन दोनों सीटों पर अविभाजित NCP का कब्जा था।

वहीं, कांग्रेस ने नागपुर में जीत दर्ज करके अपनी सीट बरकरार रखी। दूसरी ओर, भाजपा को नागपुर और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि पार्टी पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जीतने में सफल रही।

78 सदस्यीय विधान परिषद में किस पार्टी की कितनी ताकत?

महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य हैं। जिसमें भाजपा 35 सदस्यों के साथ सदन की सबसे बड़ी पार्टी है। इसके बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 12 और सुनेत्रा पवार नीत एनसीपी के 10 सदस्य हैं।

विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पांच-पांच सदस्य हैं, जबकि शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के दो सदस्य हैं। सदन में चार निर्दलीय सदस्य भी हैं।