
इन मांगों पर कैप्टन ने जताई है आपत्ति
इस बारे में बताते हुए पंजाब सीएम ने कहा सबसे पहले तो हम 15 हजार लोगों को भेजना चाह रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान श्रद्धालुओं की संख्य को सीमित करना चाह रहा है। इस तरह तो कॉरिडोर बनाने का असल उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पाएगा। कैप्टन ने कहा कि इसके साथ ही हमें पासपोर्ट व्यवस्था पर भी आपत्ति है। उन्होंने कहा कि जब कॉरिडोर बनाया गया है तो पासपोर्ट की क्या जरूरत। कॉरिडोर बनाने का सीधा संकेत है कि आप आने-जाने के लिए पूर्णरूप से स्वतंत्र हैं।
गुरुवार को भारत-पाक के बीच हुई थी बैठक
कैप्टन ने इससे पहले भी इस मामले में जारी किए अपने बयान में कहा था कि बीते 70 साल से सिख श्रद्धालु करतारपुर गुरुद्वारे के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं, अब उनका हक बनता है कि उन्हें अनुमति दी जाए। आपको बता दें कि गुरुवार को भारत-पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के बीच करतारपुर कॉरिडोर से संबंधित बातचीत हुई। बैठक के बाद बयान जारी किया गया कि करतारपुर साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा और तौर-तरीकों के प्रारूप पर चर्चा हुई।